CBI Investigation Explained: किन मामलों में पड़ती है सीबीआई जांच की जरूरत?
CBI Investigation Explained: एमपी सरकार ने भोपाल की ट्विशा शर्मा के केस में बड़ी कार्रवाई की है। मोहन यादव की सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का ऐलान किया है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि सीबीआई की जांच किसी भी मामलों में कब पड़ती है. तो, इस लेख में हम इसे समझने का प्रयास करेंगे और इससे जुड़ी हर एक जानकारी आपके साथ साझा करेंगे।
CBI Investigation procedure: Twisha Sharma Death मामले में होगी सीबीआई जांच

बता दें कि मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने भोपाल की ट्विशा शर्मा के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश की है। इस मामले में, मृतक के परिवार वालों ने सबूत छिपाने का आरोप लगाया था और ज़्यादा निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इन्हीं आरोपों का हवाला देते हुए, उन्होंने CBI जांच की मांग की थी। परिवार वालों का आरोप है कि ट्विशा के ससुराल वालों से जुड़े एक पूर्व ज़िला जज के प्रभाव के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
How CBI investigate: क्या हर केस CBI को सौंपा जा सकता?
ट्विशा शर्मा मौत मामले में उनके परिजनों ने लगातार सीबीआई जांच की मांग की। आज शुक्रवार को अंततः मोहन सरकार के आदेश पर सीबीआई जांच की अनुमति मिल गई है। लकिन यह जानना होगा कि CBI कब करती है किसी भी केस की जांच। बता दें कि CBI देश की सबसे प्रतिष्ठित जांच एजेंसी में से एक है। इसकी स्थापना 1946 के दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के तहत की गई थी। CBI मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराधों, संगठित अपराधों और राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय महत्व वाले मामलों की जांच करती है।
CBI की जांच अधिकार क्या हर राज्य में हैं?

बिल्कुल नहीं! CBI हर राज्य में सीधे तौर पर जांच नहीं कर सकती। उसका अधिकार क्षेत्र मुख्य तौर पर केंद्र शासित प्रदेशों तक सीमित होता है। किसी राज्य में जांच करने के लिए CBI को उस राज्य सरकार की सामान्य सहमति (General Consent) की जरूरत पड़ती है। मालूम हो कि कई राज्यों ने यह सहमति वापस ले रखी है। ऐसे में यूपी और मेघालय जैसे राज्यों में CBI तभी जांच कर सकती है, जब संबंधित राज्य सरकार इसके लिए निर्देश देती है।
CBI जांच: कब और किन आधारों पर?
| माध्यम | संक्षिप्त विवरण |
|---|---|
| केंद्र सरकार | केंद्र सरकार CBI को जांच सौंपती है (गृह मंत्रालय के जरिए), खासकर केंद्रीय कर्मचारी/राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में। |
| राज्य सरकार की सहमति | राज्य की अनुमति पर CBI किसी मामले की जांच कर सकती है, यदि मामला राज्य पुलिस से आगे हो। |
| न्यायालय का आदेश | सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट सीधे CBI जांच का आदेश दे सकते हैं। |

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