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Doctor Hanuman Ji Temple: जब साक्षात डॉक्टर बनकर आए हनुमान! जानिए मध्य प्रदेश के उस धाम की कहानी, जहां दूर होती हैं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां

11:55 AM May 27, 2026 IST | Khushi Srivastava
doctor hanuman ji temple  जब साक्षात डॉक्टर बनकर आए हनुमान  जानिए मध्य प्रदेश के उस धाम की कहानी  जहां दूर होती हैं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां
Doctor Hanuman Ji Temple (AI Generated)
Doctor Hanuman Ji Temple: आज विज्ञान ने भले ही कितनी भी तरक्की कर ली हो और नई-नई दवाइयां खोज ली हों, लेकिन जब डॉक्टर भी किसी बीमारी के आगे हार मान जाते हैं, तब इंसान को भगवान की याद आती है। वह सब कुछ छोड़कर भगवान के चरणों में सिर झुकाता है। हमारे देश भारत में विश्वास, भक्ति और चमत्कारों की कई ऐसी जगहें हैं, जिन्हें देखकर विज्ञान भी कई बार हैरान रह जाता है।
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ऐसी ही एक अनोखी और चमत्कारी जगह मध्य प्रदेश के भिंड जिले में है, जिसे लोग दंदरौआ धाम कहते हैं। इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि यहां हनुमान जी किसी आम रूप में नहीं, बल्कि एक डॉक्टर के रूप में पूजे जाते हैं। चलिए, आज हम आपको इस खास मंदिर की कहानी और इसके पीछे की दिलचस्प बातों के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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Dandraua Dham Bhind: क्यों खास है दंदरौआ धाम?

Doctor Hanuman Ji Temple
Doctor Hanuman Ji Temple (Source: Social Media)

दंदरौआ धाम में बैठी हनुमान जी की मूर्ति को बहुत ही चमत्कारी माना जाता है। यहां भगवान हनुमान को एक डॉक्टर की तरह पूजा जाता है, और उनके इस खास रूप को डॉक्टर वाले स्टेथोस्कोप के साथ सजाया जाता है। सभी भक्त उन्हें आदर से डॉक्टर हनुमान जी महाराज कहकर बुलाते हैं।

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यहां आने वाले लोग अपनी बीमारियों और दुखों से छुटकारा पाने के लिए भगवान के सामने अपनी अर्जी लगाते हैं। लोगों का ऐसा पक्का भरोसा है कि जो भी इंसान यहां सच्चे दिल से प्रार्थना करता है, उसकी हर इच्छा पूरी होती है और उसकी बीमारी ठीक हो जाती है।

Doctor Hanuman Mandir: 300 साल पुरानी है प्रतिमा

दंदरौआ धाम में जो हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है, वह कोई नई मूर्ति नहीं है बल्कि लगभग 300 साल पुरानी मानी जाती है। इस मूर्ति की सबसे बड़ी और अनोखी बात यह है कि यहां बजरंगबली नाचती हुई मुद्रा में दिखाई देते हैं। हनुमान जी का यह रूप पूरी दुनिया में बहुत कम देखने को मिलता है, जो इस मंदिर को बाकी सभी मंदिरों से बिलकुल अलग और खास बनाता है। इसी वजह से यहां हर दिन भगवान के दर्शन करने के लिए हजारों भक्तों की भारी भीड़ जुटी रहती है।

Doctor Hanuman Temple History: डॉक्टर हनुमान मंदिर की रोचक कथा

Doctor Hanuman Ji Temple
Doctor Hanuman Ji Temple (Source: Social Media)

इस मंदिर को लेकर सालों से एक बहुत ही मशहूर कहानी सुनाई जाती है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, बहुत समय पहले यहां शिवकुमार दास नाम के एक साधु रहते थे। वे हनुमान जी के बहुत बड़े भक्त थे और रोज नियम से पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की पूजा-पाठ किया करते थे।

कहा जाता है कि एक समय वह कैंसर जैसी खतरनाक और जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए। इतनी बड़ी बीमारी होने के बाद भी उन्होंने भगवान पर से अपना भरोसा नहीं खोया और लगातार हनुमान जी की भक्ति में लीन रहे। भक्तों का मानना है कि उनकी सच्ची भक्ति से खुश होकर बजरंगबली ने खुद डॉक्टर का रूप धारण करके उन्हें दर्शन दिए और उनकी बीमारी को हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर दिया। इस चमत्कार के बाद से ही इस मंदिर का नाम डॉक्टर हनुमान पड़ गया और उनकी यह कहानी चारों तरफ फैल गई।

Bhind Hanuman Ji Temple: कैंसर रोगियों की लगती है भीड़

आज के समय में दंदरौआ धाम एक ऐसा सहारा बन गया है, जहां हर दिन देश के कोने-कोने से ऐसे लोग आते हैं जो गंभीर बीमारियों से परेशान हैं। खासकर कैंसर से पीड़ित मरीज और उनके परिवार वाले यहां बहुत बड़ी संख्या में आते हैं। वे भगवान के आगे माथा टेकते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और इस उम्मीद के साथ यहां समय बिताते हैं कि डॉक्टर हनुमान की कृपा से वे पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।

Doctor Hanuman Ji Temple: दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

Doctor Hanuman Ji Temple
Doctor Hanuman Ji Temple (Source: Social Media)
दंदरौआ धाम सिर्फ मध्य प्रदेश के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और देश के कई दूसरे राज्यों के लोगों के लिए भी अटूट विश्वास का केंद्र है। यहां वैसे तो हर दिन भक्त आते हैं, लेकिन मंगलवार और शनिवार के दिन यहां का नजारा देखने लायक होता है, क्योंकि इन दो दिनों में भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। मंदिर आने वाले लोग यहां सिर्फ अपनी शारीरिक बीमारियां ठीक करने नहीं आते, बल्कि अपने परिवार की सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और जीवन की हर छोटी-बड़ी मुश्किल को दूर करने की प्रार्थना भी करते हैं। यही वजह है कि आज दंदरौआ धाम करोड़ों लोगों की आस्था और भरोसे का एक बहुत बड़ा प्रतीक बन चुका है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता या वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है।
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Khushi Srivastava

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खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।

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