Explainer! प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे के बाद चर्चा में क्यों दुनिया का सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी? जानिए इसका अनोखा इतिहास
Italy Vatican City History : प्रधानमंत्री मोदी 5 दिन के विदेश दौरे पर हैं. अब वह अपने अंतिम पड़ाव पर हैं और इस समय इटली में हैं. इटली में पहुंचने के साथ ही वे सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे. इटली की प्रधानमंत्री जिओर्जिया मेलोनी और PM मोदी के बीच मेलोडी टॉफी गिफ्ट देने वाली इमेज सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रही है. मगर इसी के साथ ट्रेंड हो रहा वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा मगर सबसे ज्यादा इम्पैक्ट डालने वाला शहर.
Visit Vatican City Connection : क्या है वेटिकन का इतिहास
वेटिकन सिटी का इतिहास ईसाई धर्म और रोमन साम्राज्य से गहराई से जुड़ा है. केवल 100 एकड़ में फैला यह दुनिया का सबसे छोटा इंडिपेंडेंट स्टेट (duniya ka sabse chhota desh) है, जो 11 फरवरी 1929 को 'लैटरन संधि' के माध्यम से इटली से अलग होकर एक संप्रभु देश बना था. दिलचस्प यह कि वेटिकन सिटी इटली के रोम शहर के भीतर स्थित एक स्वतंत्र संप्रभु देश है. दोनों देशों के बीच की सीमा केवल 3.2 किलोमीटर लंबी है. मगर दिलचस्प यह कि यह इटली के अन्दर बना एक देश है.
Map में देखेंगे तो साफ़ दिखाई देता है वेटिकन सिटी इटली के अन्दर रोम में स्थित है. इसके साथ में इटली के राज्य नेपल्स और फ्लोरेंस हैं. वहीं Tyrrhenian Sea इस देश के सबसे नजदीक है. यह एक अनोखी बात है कि वेटिकन सिटी शहर इटली के अंदर है, दोनों देशों का आपस में गहरा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनयिक संबंध है.
Vatican City Interesting Facts : वेटिकन का अनोखा इतिहास

वेटिकन सिटी के इतिहास को कुछ चरणों में इस प्रकार समझा जा सकता है:
1. प्राचीन रोमन काल (ईसा पूर्व से पहली सदी) नाम की उत्पत्ति : प्राचीन काल में टाइबर नदी के पश्चिमी तट के इस दलदली इलाके को 'एगर वैटिकन्स' (Ager Vaticanus) कहा जाता था. यह स्थान ओरेकल (भविष्यवाणियों) के लिए जाना जाता था. शाही निर्माण: पहली शताब्दी में, सम्राट कैलिगुला और नीरो (Nero) ने यहां अपने निजी बगीचे और सर्कस (Circus Vaticanus) बनवाए थे.
2. ईसाई धर्म का उदय और सेंट पीटरशहीदों का स्थान : 64 ईस्वी में रोम में लगी भीषण आग के बाद, सम्राट नीरो ने ईसाइयों को दोषी ठहराया और वेटिकन के मैदानों में कई ईसाइयों को क्रूरता से मरवा दिया. ईसाइयों के पहले पोप, सेंट पीटर को भी यहीं सूली पर चढ़ाया गया और उन्हें पास के एक कब्रिस्तान में दफना दिया गया. बता दें इसी जगह चौथी शताब्दी में, सम्राट कॉन्सटेंटाइन ने सेंट पीटर की समाधि के ऊपर एक विशाल 'सेंट पीटर बेसिलिका' का निर्माण कराया. इसके बाद से यह स्थान ईसाई धर्म का सबसे पवित्र केंद्र बन गया.

3. पोप के राज्य (Papal States)मध्यकाल में, कैथोलिक चर्च और पोप का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया. पोप केवल धार्मिक नेता नहीं रहे, बल्कि उन्होंने इटली के बड़े हिस्सों पर अपना राजनीतिक शासन स्थापित कर लिया, जिसे 'पेपेल स्टेट्स' कहा गया.
4. एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्थापना : 1870 में जब इटली का एकीकरण हुआ, तो रोम के ज्यादातर हिस्सों पर इटली की सरकार का कब्ज़ा हो गया. ऐसे में पोप और इटली के बीच विवाद की स्थिति बन गई. लैटरन संधि इस लंबे विवाद को खत्म करने के लिए 11 फरवरी 1929 को होली सी (Holy See) और मुसोलिनी की इतालवी सरकार के बीच एक ऐतिहासिक संधि हुई. इसके तहत वेटिकन को एक पूर्ण स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र का दर्जा मिला.
5. वेटिकन सिटी आज कैथोलिक चर्च का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय है. यहां का शासन पोप के हाथों में होता है, जो एक पूर्ण राजशाही की तरह काम करते हैं. इस देश के पास अपने यूरो सिक्के, डाक टिकट, पासपोर्ट, सुरक्षा बल और रेडियो स्टेशन मौजूद हैं.
बता दें, यह देश 0.44 वर्ग किलोमीटर (लगभग 0.17 वर्ग मील) के कुल क्षेत्रफल में फैला हुआ है. यहां की जनसंख्या लगभग 800 से 850 के बीच है. यह दुनिया भर के कैथोलिक ईसाइयों का मुख्य केंद्र है और यहां ईसाई धर्मगुरु 'पोप' रहते हैं.
यह भी पढ़ें - Petrol Diesel Price: हर कुछ दिन में क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? सामने आया ऑयल कंपनियों का फॉर्मूला

Join Channel