+

विकास दुबे मामला : परिवार ने किया दावा - कथित मुठभेड़ में मारा गया प्रभात मिश्रा था नाबालिग

बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे और उसके सहयोगियों की तलाश के दौरान पुलिस के साथ हुई कथित मुठभेड़ में मारे गये प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय के परिजनों ने उसके नाबालिग होने का दावा किया है।
विकास दुबे मामला : परिवार ने किया दावा - कथित मुठभेड़ में मारा गया प्रभात मिश्रा था नाबालिग
बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे और उसके सहयोगियों की तलाश के दौरान पुलिस के साथ हुई कथित मुठभेड़ में मारे गये प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय के परिजनों ने उसके नाबालिग होने का दावा किया है। मिश्रा के परिवार ने कार्तिकेय की उप्र बोर्ड परीक्षा 2018 की हाईस्कूल की अंकपत्रिका और आधार कार्ड पेश किया है। अंकपत्रिका और आधार कार्ड में उसकी जन्मतिथि 27 मई 2004 लिखी है। परिजनों का दावा है कि कार्तिकेय 16 साल का था । 
पुलिस के अनुसार, नौ जुलाई को कार्तिकेय को ट्राजिंट रिमांड के लिये फरीदाबाद की अदालत में पेश किया गया था। उसके बाद उसे कानपुर लाया जा रहा था। लेकिन पनकी के पास रास्ते में पुलिस का वाहन खराब हो गया। पुलिस का कहना है कि स्थिति का फायदा उठाते हुये कार्तिकेय ने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनी और गोली चलाते हुये भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया । 
पुलिस का दावा है कि कार्तिकेय के पास से पुलिसकर्मियों से लूटी गयी दो पिस्तौल और 44 कारतूस बरामद हुये थे। कार्तिकेय पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था । एक पुलिस अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि पुलिस द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में कार्तिकेय की उम्र 20 साल लिखाई गयी है । उन्होंने कहा, ''यह बात महत्व नहीं रखती कि अपराधी नाबालिग है । वह, आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल विकास दुबे के गिरोह का हिस्सा था।’’ 
उधर, दूसरी तरफ कार्तिकेय की बहन हिमांशी ने पत्रकारों को बताया कि उसका भाई एक मेधावी छात्र था और उसने उप्र बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा 2018 में 79 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। हिमांशी के अनुसार, यह परीक्षा कार्तिकेय ने कानपुर देहात के श्रीबजरंग एचएसएस भवन स्कूल से पास की थी। उसने यह भी बताया कि कार्तिकेय ने मारे जाने से दस दिन पहले 29 जून को उप्र बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की थी । 
कार्तिकेय की मां गीता ने अपने बेटे को ‘निर्दोष' बताते हुए कहा कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। उन्होंने मुठभेड़ को हत्या करार दिया। कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें कार्तिकेय की उम्र के बारे में कोई जानकारी नही हैं। 
गौरतलब है कि दो तीन जुलाई की दरम्यानी रात को कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पुलिस पकड़ने के लिए गई। गांव में पुलिस दल पर हमला कर दिया गया जिसमें एक क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिस कर्मी मारे गये थे । 
तीन जुलाई की सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में कानपुर के पास विकास दुबे के कथित सहयोगी प्रेम प्रकाश पांडेय और अतुल दुबे मारे गये, जबकि आठ जुलाई को पुलिस ने हमीरपुर के मौदहा में 50 हजार के इनामी बदमाश अमर दुबे को मार गिराया था । नौ जुलाई को विकास दुबे के दो और कथित सहयोगी कार्तिकेय उर्फ प्रभात और प्रवीण उर्फ बउवा दुबे कानपुर और इटावा में अलग अलग मुठभेड़ में मारे गए थे। 
facebook twitter