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किसान प्रदर्शन: केजरीवाल सरकार से स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने की दिल्ली पुलिस को नहीं मिली इजाजत

केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत राष्ट्रीय राजधानी आने वाले किसान प्रदर्शनकारियों के लिए शहर के स्टेडियमों को अस्थायी जेलों के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने दिल्ली पुलिस को नहीं दी।
किसान प्रदर्शन: केजरीवाल सरकार से स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने की दिल्ली पुलिस को नहीं मिली इजाजत
केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत राष्ट्रीय राजधानी आने वाले किसान प्रदर्शनकारियों के लिए शहर के स्टेडियमों को अस्थायी जेलों के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने दिल्ली पुलिस को नहीं दी।
दिल्ली पुलिस के अनुरोध को खारिज करते हुए दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है जिसके लिये उन्हें जेल में नहीं रखा जा सकता।
प्रमुख गृह सचिव को लिखे पत्र में जैन ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए और किसानों को जेलों में डालना इसका समाधान नहीं है। दिल्ली पुलिस ने सिंघु और टीकरी बॉर्डर पहुंचे किसानों को तितर-बितर करने के लिये उनपर आंसू गैस के गोले दागे।
अधिकतर प्रदर्शनकारी किसान पंजाब से हैं। किसान नेताओं से चर्चा के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की और बुराड़ी में निरंकारी मैदान पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत दे दी। जैन ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि किसानों की मांग न्यायोचित है।
उन्होंने कहा, “केंद्र को किसानों की मांग तत्काल मांग लेनी चाहिए। किसानों को जेल में रखना इसका समाधान नहीं है। उनका प्रदर्शन पूरी तरह से अहिंसक है। अहिंसक तरीके से विरोध जताना हर भारतीय का अधिकार है। इसके लिये उन्हें जेल नहीं भेजा जा सकता।”
जैन ने पत्र में लिखा, “इसलिये, दिल्ली सरकार स्टेडियमों को जेल में बदलने के दिल्ली पुलिस के आवेदन को खारिज करती है।” इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आप सरकार से शहर के नौ स्टेडियमों को प्रदर्शनकारी किसानों के लिये अस्थायी जेल के तौर पर इस्तेमाल के वास्ते इजाजत मांगी थी।
एक सूत्र ने कहा, “किसानों के मार्च के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेल के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी थी जहां हिरासत में लिये गए या गिरफ्तार किसानों को रखा जाना था।”
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शहर में घुसने से रोकने के लिये सिंघु और टीकरी बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा सीमा) पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है, बालू लदे ट्रकों और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा वहां कंटीले तार भी लगाए गए हैं।
किसानों को दिल्ली में आने की मंजूरी पर पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ईश सिंघल ने कहा कि “किसान नेताओं से चर्चा के बाद प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली में आने और बुराड़ी स्थित निरंकारी मैदान पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत दी गई है।” उन्होंने कहा, “हम सभी किसानों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं।”
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