+

किसान आंदोलन पर पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच राजनीतिक घमासान

हरियाणा सीमा पर रोके जाने पर प्रदर्शनकारी किसान ने उग्र रुख अपना लिया, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए लाठीचार्ज करते हुए वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया।
किसान आंदोलन पर पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच राजनीतिक घमासान
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाये गए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा में किसानों का गुस्सा उग्र हो चुका है। पंजाब में हरियाणा की सीमा पर विभिन्न जगहों पर गुरुवार को हजारों प्रदर्शनकारी किसान इकट्ठा हुए। कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ये लोग 'दिल्ली चलो' के तहत राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ रहे थे जिन्हें हरियाणा पुलिस ने सीमा पर रोक लिया। रोके जाने पर प्रदर्शनकारी किसान ने उग्र रुख अपना लिया, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए लाठीचार्ज करते हुए वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया।
पक्ष का विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप
किसान आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कुछ लोग किसानों को गुमराह कर रहे है, उनके पास अब मुद्दे नहीं हैं इसलिए वह अपने राजनीतिक हितों के लिए किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं।
कांग्रेस ने की किसानों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा 
कांग्रेस ने किसानों के ‘दिल्ली चलो मार्च’ का समर्थन करते हुए शंभू बॉर्डर पर हुई प्रदर्शनकारी किसानों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। कांग्रेस ने किसानों के ‘दिल्ली चलो मार्च’ का समर्थन करते हुए शंभू बॉर्डर पर हुई प्रदर्शनकारी किसानों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा की। 
राहुल गांधी ने ट्वीट किया  : 
नहीं हुआ है अभी सवेरा, पूरब की लाली पहचान
चिड़ियों के जगने से पहले, 
खाट छोड़ उठ गया किसान
काले क़ानूनों के बादल गरज रहे गड़-गड़,
अन्याय की बिजली चमकती चम-चम
मूसलाधार बरसता पानी,
ज़रा ना रुकता लेता दम!
मोदी सरकार की क्रूरता के ख़िलाफ़ देश का किसान डटकर खड़ा है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने किसानों पर पानी की बौछार मारे जाने का एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘किसानों से समर्थन मूल्य छीनने वाले कानून का विरोध का रहे किसान की आवाज सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन पर भारी ठंड में पानी की बौछार मारती है। किसानों से सबकुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्जमाफी, एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं।’’ 
सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘भीषण ठंड के बीच अपनी जायज़ मांगों को लेकर गांधीवादी तरीक़े से दिल्ली आ रहे किसानों को ज़बरन रोकना और पानी की तेज बौछार मारना मोदी-खट्टर सरकार की तानाशाही का जीवंत प्रमाण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ खेती बिलों के विरोध को लेकर हमारा पूर्ण समर्थन किसानों के साथ है।’’ 
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘‘आज देश का मज़दूर हड़ताल पर है, आज देश के बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं, आज देश का अन्नदाता किसान हड़ताल पर है, आज देश का बेरोज़गार युवा हड़ताल पर है, पर..क्या मोदी सरकार को देशवासियों की परवाह है? क्या ये राष्ट्रसेवा है या राष्ट्र हितों का विरोध? देश फ़ैसला करे!’’ 
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मोदी जी, दिल्ली दरबार को देश के अन्नदाताओं से ख़तरा कब से हो गया? किसानों को रोकने के लिए उन्हीं के बेटे, यानी सेना के जवान खड़े कर दिए। काश, इतनी चौकसी चीन सीमा पर की होती तो चीन देश की सरज़मीं पर घुसपैठ करने का दुस्साहस नही करता। आपकी प्राथमिकताएं सदा ग़लत ही क्यों होती हैं?’’ 
उल्लेखनीय है कि पंजाब के बहुत सारे किसान केन्द्र के कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ ‘दिल्ली चलो मार्च’ के तहत राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की कोशिश में हैं। इसको देखते हुए हरियाणा ने पंजाब से लगी अपनी सभी सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया है। 
 
Tags : ,Leaders,Opposition,border,Haryana
facebook twitter instagram