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तमिलनाडु में नीट परीक्षा में फेल होने के डर से छात्रा ने की आत्महत्या

तमिलनाडु प्लस टू की परीक्षा में 600 में से 562 अंक हासिल करने वाली एक छात्रा कनिमोझी ने अरियालुर जिले के संतमपडी गांव में कथित तौर पर इस डर से आत्महत्या कर ली कि नीट में वो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएगी।
तमिलनाडु में नीट परीक्षा में फेल होने के डर से छात्रा ने की आत्महत्या
तमिलनाडु प्लस टू की परीक्षा में 600 में से 562 अंक हासिल करने वाली एक छात्रा कनिमोझी ने अरियालुर जिले के संतमपडी गांव में कथित तौर पर इस डर से आत्महत्या कर ली कि वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) में वो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएगी। उसने सोमवार शाम को यह कठोर कदम उठाया।
वकील दंपति करुणानिधि और विजयलक्ष्मी की बेटी कनिमोझी ने कथित तौर पर अपने माता-पिता से कहा था कि वह नीट में अपने प्रदर्शन से नाखुश हैं। अरियालुर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय ने बताया कि लड़की ने सोमवार शाम को यह कठोर कदम तब उठाया, जब माता-पिता एक शादी समारोह में गए थे। पुलिस ने कहा कि माता-पिता दोनों ने उसे पूरा समर्थन दिया था लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन से नाखुश थी। मामले में धारा 174 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
तमिलनाडु में उम्मीदवारों द्वारा लगातार आत्महत्या करने के साथ नीट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 12 सितंबर को परीक्षा के दिन, राज्य में एक नीट परीक्षार्थी ने फेल होने के डर से पंखे से फांसी लगा ली थी। तमिलनाडु विधानसभा ने सोमवार को राष्ट्रीय प्रवेश-सह-पात्रता परीक्षा  को खत्म करने और कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक विधेयक पारित किया है। 
अन्नाद्रमुक शासन के दौरान इसी उद्देश्य के लिए 2017 में विधेयक पारित किया गया था, लेकिन इसे राष्ट्रपति की सहमति नहीं मिली थी। इस बार मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विधेयक पेश किया और कांग्रेस के अलावा सभी मुख्य विपक्षी दलों ने इसका समर्थन किया और इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

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