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Jagannath Rath Yatra 2026: रथ यात्रा से पहले 15 दिन क्यों बीमार होते हैं भगवान जगन्नाथ? जानिए अनसर काल की ये बेहद भावुक कथा

12:29 PM Jul 02, 2026 IST | Khushi Srivastava
jagannath rath yatra 2026  रथ यात्रा से पहले 15 दिन क्यों बीमार होते हैं भगवान जगन्नाथ  जानिए अनसर काल की ये बेहद भावुक कथा
Jagannath Rath Yatra 2026 (AI Generated)
ओडिशा के पुरी में होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra 2026) का भक्त सालभर इंतजार करते हैं। यह सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि भगवान के प्रति लोगों के प्यार और भरोसे का बहुत बड़ा उत्सव है। हर साल लाखों लोग भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को देखने पुरी आते हैं। लेकिन यात्रा शुरू होने से ठीक पहले, भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार हो जाते हैं। इस दौरान लोग उनके दर्शन नहीं कर पाते। इसके पीछे एक बहुत ही प्यारी कहानी है। आइए, जानें इसके पीछे की पूरी कथा क्या है।

स्नान पूर्णिमा और अनसर काल (Jagannath Sick After Snan Purnima)

Jagannath Snan Purnima
Jagannath Snan Purnima (Source: Social Media)
रथ यात्रा से पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान को स्नान कराया जाता है, जिसे 'स्नान पूर्णिमा' कहते हैं। इस खास मौके पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी को को 108 सोने के कलशों के पवित्र पानी से स्नान कराया जाता है। यह पानी एक खास कुएं से लाया जाता है जो साल में सिर्फ एक बार खुलता है। पानी में कुछ जड़ी-बूटियां और इत्र मिलाए जाते हैं। नहाने के बाद भगवान को सजाया जाता है और भगवान जगन्नाथ हाथी के रूप में दर्शन देते हैं। इसके पीछे कहानी है कि भगवान गणेश के एक भक्त की इच्छा पूरी करने के लिए जगन्नाथ जी ने उन्हें हाथी के रूप में दर्शन दिए थे। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

दवाइयों से होता है भगवान का इलाज (Jagannath 15 Days Ritual)

कहा जाता है कि, इस स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं और 15 दिनों के लिए अकेले कमरे में चले जाते हैं। बीमारी के इन 15 दिनों में भगवान को रोज की तरह सामान्य भोग नहीं दिया जाता। उनका इलाज वैद्यों की देखरेख में होता है। भगवान को जल्दी ठीक करने के लिए उन्हें काढ़ा और जड़ी-बूटियों से बनी दवाइयां दी जाती हैं। 15 दिनों के आराम के बाद भगवान पूरी तरह ठीक होकर नए और सुंदर रूप में भक्तों के सामने आते हैं।

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स्नान के बाद बीमार क्यों पड़ जाते हैं भगवान?

Lord Jagannath
Jagannath Snan Purnima (Source: Social Media)

भगवान के 15 दिन बीमार रहने के पीछे एक प्रसिद्ध कथा है। पुरी में माधवदास नाम के भगवान जगन्नाथ के एक बड़े भक्त रहते थे। वे किसी की मदद नहीं लेते थे और उन्हें भरोसा था कि भगवान खुद उनकी रक्षा करेंगे। एक बार माधवदास बहुत बीमार हो गए और खुद उठने-बैठने की हालत में भी नहीं रहे। तब भगवान जगन्नाथ खुद एक सेवक बनकर उनकी सेवा करने पहुंच गए।

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भगवान ने माधवदास के गंदे कपड़े साफ किए और उनकी पूरी देखभाल की। जब माधवदास ठीक हुए तो उन्हें पता चला कि सेवा करने वाले खुद भगवान थे। उन्होंने भगवान से पूछा कि आप तो मेरी बीमारी सीधे ठीक कर सकते थे, फिर आपने मेरी सेवा क्यों की? भगवान जगन्नाथ ने जवाब दिया कि वे भक्तों का दुख नहीं देख सकते, लेकिन किस्मत में लिखा सुख-दुख तो भुगतना ही पड़ता है। इसलिए उन्होंने अपने भक्त की 15 दिनों की बीमारी खुद पर ले ली। माना जाता है कि तभी से हर साल भगवान 15 दिनों के लिए बीमार होते हैं।

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नवयौवन दर्शन और रथ यात्रा

Jagannath Rath Yatra 2026
Jagannath Rath Yatra 2026 (Source: Social Media)
जब भगवान 15 दिनों के बाद पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, तब भक्त उनके सुंदर रूप के दर्शन करते हैं, जिसे 'नवयौवन दर्शन' कहते हैं। इसके बाद ही भगवान जगन्नाथ, अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विशाल रथ यात्रा पर निकलते हैं।
यह भी पढ़ें- Snan Yatra 2026: जगन्नाथ स्नान यात्रा आज; 108 सोने के कलशों से नहाएंगे प्रभु, फिर 15 दिन तक बंद रहेंगे मंदिर के कपाट, जानिए क्या है इतिहास?
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Khushi Srivastava

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खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।

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