Jagannath Rath Yatra 2026: रथ यात्रा से पहले 15 दिन क्यों बीमार होते हैं भगवान जगन्नाथ? जानिए अनसर काल की ये बेहद भावुक कथा
स्नान पूर्णिमा और अनसर काल (Jagannath Sick After Snan Purnima)

दवाइयों से होता है भगवान का इलाज (Jagannath 15 Days Ritual)
कहा जाता है कि, इस स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं और 15 दिनों के लिए अकेले कमरे में चले जाते हैं। बीमारी के इन 15 दिनों में भगवान को रोज की तरह सामान्य भोग नहीं दिया जाता। उनका इलाज वैद्यों की देखरेख में होता है। भगवान को जल्दी ठीक करने के लिए उन्हें काढ़ा और जड़ी-बूटियों से बनी दवाइयां दी जाती हैं। 15 दिनों के आराम के बाद भगवान पूरी तरह ठीक होकर नए और सुंदर रूप में भक्तों के सामने आते हैं।
स्नान के बाद बीमार क्यों पड़ जाते हैं भगवान?

भगवान के 15 दिन बीमार रहने के पीछे एक प्रसिद्ध कथा है। पुरी में माधवदास नाम के भगवान जगन्नाथ के एक बड़े भक्त रहते थे। वे किसी की मदद नहीं लेते थे और उन्हें भरोसा था कि भगवान खुद उनकी रक्षा करेंगे। एक बार माधवदास बहुत बीमार हो गए और खुद उठने-बैठने की हालत में भी नहीं रहे। तब भगवान जगन्नाथ खुद एक सेवक बनकर उनकी सेवा करने पहुंच गए।
भगवान ने माधवदास के गंदे कपड़े साफ किए और उनकी पूरी देखभाल की। जब माधवदास ठीक हुए तो उन्हें पता चला कि सेवा करने वाले खुद भगवान थे। उन्होंने भगवान से पूछा कि आप तो मेरी बीमारी सीधे ठीक कर सकते थे, फिर आपने मेरी सेवा क्यों की? भगवान जगन्नाथ ने जवाब दिया कि वे भक्तों का दुख नहीं देख सकते, लेकिन किस्मत में लिखा सुख-दुख तो भुगतना ही पड़ता है। इसलिए उन्होंने अपने भक्त की 15 दिनों की बीमारी खुद पर ले ली। माना जाता है कि तभी से हर साल भगवान 15 दिनों के लिए बीमार होते हैं।
नवयौवन दर्शन और रथ यात्रा


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