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Kanwar Yatra 2026 Kabse Shuru Hogi: कब से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा? निकलने से पहले जान लें ये 6 जरूरी नियम, एक छोटी सी गलती भी खंडित कर सकती है पूजा

02:45 PM Jul 09, 2026 IST | Khushi Srivastava
kanwar yatra 2026 kabse shuru hogi  कब से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा  निकलने से पहले जान लें ये 6 जरूरी नियम  एक छोटी सी गलती भी खंडित कर सकती है पूजा
Kanwar Yatra 2026 Kabse Shuru Hogi (AI Generated)

हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस महीने हर तरफ 'बम भोले' की गूंज होती है और शिव भक्त पूरी श्रद्धा से महादेव की पूजा करते हैं। सावन भगवान शिव का सबसे पसंदीदा महीना माना जाता है। सावन में सोमवार के व्रत और कांवड़ यात्रा का बहुत खास महत्व होता है। हर साल सावन शुरू होते ही भक्त गंगाजल लेने के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा करते हैं और शिव जी का जलाभिषेक करके अपनी मन्नत पूरी करते हैं। माना जाता है कि कांवड़ उठाने से भोलेनाथ सभी जायज मनोकामनाएं पूरी करते हैं और भक्तों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं। आइए, जानें हैं इस साल की कांवड़ यात्रा कब शुरू होगी (Kanwar Yatra 2026 Kabse Shuru Hogi) और इस दौरान किन जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए।

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कांवड़ यात्रा 2026 कब शुरू होगी?

Kanwar Yatra
Kanwar Yatra Haridwar (Source: Social Media)

इस साल सावन का महीना 30 जुलाई 2026, गुरुवार से शुरू हो रहा है, और इसी दिन से कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी। भक्त हरिद्वार से गंगाजल लाएंगे और सावन की शिवरात्रि के दिन शिव जी पर चढ़ाएंगे। कांवड़ यात्रा का समापन 11 अगस्त 2026, मंगलवार को सावन शिवरात्रि के दिन होगा।

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इन नियमों का पालन करें (Kanwar Yatra 2026 Niyam)

Kanwar Yatra
Kanwar Yatra (Source: Social Media)
  • संकल्प लेकर ही यात्रा शुरू करें: यात्रा शुरू करने से पहले शिव जी का नाम लेकर संकल्प लें और पूरी श्रद्धा के साथ उसका पालन करें।
  • कांवड़ को जमीन पर न रखें: कांवड़ का जल बहुत पवित्र होता है, इसलिए इसे कभी सीधे जमीन पर न रखें। आराम करते समय इसे कांवड़ स्टैंड या किसी ऊंचे स्थान पर रखें।
  • सात्विक भोजन करें: यात्रा के दौरान मांस, शराब, सिगरेट-तंबाकू, लहसुन और प्याज जैसी चीजों से दूर रहें। सिर्फ शुद्ध और सात्विक खाना ही खाएं।
  • मन और वाणी साफ रखें: कांवड़ यात्रा सिर्फ पैदल चलना नहीं, बल्कि मन को काबू में रखना भी है। यात्रा के दौरान गुस्सा न करें, किसी को बुरा न बोलें, झूठ न बोलें और विवाद से बचें। हर समय मन में शिव जी का नाम जपते रहें।
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें: खुद को साफ रखने के साथ-साथ आसपास भी गंदगी न फैलाएं। प्लास्टिक या कचरा सही जगह पर डालें।
  • ग्रुप के नियमों को मानें: अगर आप किसी ग्रुप के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो उनके बनाए नियमों को मानें। बिना वजह भीड़भाड़ या खतरे वाले रास्तों पर न जाएं।

Kanwar Yatra 2026 के दौरान क्या न करें?

यात्रा के दौरान किसी का अपमान न करें, लड़ाई-झगड़ा या गलत व्यवहार न करें। किसी भी तरह के नशे से दूर रहें। कांवड़ के जल को गंदा न होने दें और नियम न तोड़ें। अगर किसी मजबूरी के कारण यात्रा पूरी न हो पाए, तो सच्चे मन से भगवान शिव से माफी मांग लें।

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क्यों निकाली जाती है कांवड़ यात्रा?

Kanwar Yatra
Kanwar Yatra (Source: Social Media)

कांवड़ यात्रा के पीछे एक पुरानी प्रसिद्ध कहानी है। जब देवताओं और राक्षसों के बीच समुद्र मंथन हुआ, तो उसमें से भयंकर विष निकला। इससे पूरी दुनिया खत्म होने लगी। दुनिया को बचाने के लिए भगवान शिव ने उस जहर को पी लिया और अपने गले में रोक लिया। जहर के कारण उनका गला नीला पड़ गया, जिससे उनका नाम 'नीलकंठ' पड़ा।

जहर के असर से शिव जी का शरीर बहुत गर्म हो गया और उन्हें तेज जलन होने लगी। तब देवताओं ने उनकी गर्मी को शांत करने के लिए उन पर पवित्र नदियों का ठंडा जल चढ़ाना शुरू किया। माना जाता है कि तभी से सावन के महीने में शिव जी को जल चढ़ाने और कांवड़ यात्रा की यह परंपरा शुरू हुई।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

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Khushi Srivastava

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खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।

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