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Krishna Chatti 2026: आज मनाई जा रही है कृष्ण छठी; ऐसे करें लड्डू गोपाल की पूजा, नोट कर लें विधि और भोज लिस्ट

यह आर्टिकल साल 2026 की कृष्ण छठी के महत्व, पूजा करने के तरीके और शुभ समय के बारे में बताता है। जैसे किसी छोटे बच्चे के जन्म के छह दिन बाद छठी मनाई जाती है, वैसे ही जन्माष्टमी के छह दिन बाद लड्डू गोपाल की छठी मनाई जाती है। इस पर्व को मनाने का मकसद कान्हा की खुशी, तरक्की और अच्छी सेहत की कामना करना है, जिससे घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
01:12 PM Sep 09, 2026 IST | Khushi Srivastava
यह आर्टिकल साल 2026 की कृष्ण छठी के महत्व, पूजा करने के तरीके और शुभ समय के बारे में बताता है। जैसे किसी छोटे बच्चे के जन्म के छह दिन बाद छठी मनाई जाती है, वैसे ही जन्माष्टमी के छह दिन बाद लड्डू गोपाल की छठी मनाई जाती है। इस पर्व को मनाने का मकसद कान्हा की खुशी, तरक्की और अच्छी सेहत की कामना करना है, जिससे घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
krishna chatti 2026  आज मनाई जा रही है कृष्ण छठी  ऐसे करें लड्डू गोपाल की पूजा  नोट कर लें विधि और भोज लिस्ट
Krishna Chatti 2026 (AI Generated)
Krishna Chatti 2026: जैसे किसी छोटे बच्चे के जन्म के छह दिन बाद छठी मनाई जाती है, वैसे ही जन्माष्टमी के छठे दिन लड्डू गोपाल की छठी मनाई जाती है। इस दिन भगवान का बहुत सुंदर श्रृंगार किया जाता है, उन्हें नए कपड़े, मोर पंख और मुकुट पहनाया जाता है। इस दिन घर-घर में कान्हा के मनपसंद पकवान बनाए जाते हैं और धूमधाम से इस पर्व को मनाया जाता है। इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर को थी, इसलिए लड्डू गोपाल की छठी आज यानी 9 सितंबर को मनाई जा रही है।

कृष्ण छठी पर लड्डू गोपाल को क्या भोग लगाएं? (Krishna Chhathi Bhog)

Krishna Chhathi Bhog
Krishna Chhathi Bhog (AI Generated)

कृष्ण छठी के दिन कान्हा जी को कढ़ी और चावल जरूर खिलाना चाहिए। इसके साथ ही माखन-मिश्री, पंचामृत, फल, तुलसी, पेड़ा, खीर, मालपुआ और दूसरी शुद्ध चीजें भी चढ़ाएं। ध्यान रहे कि भगवान के खाने में कभी भी प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

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कृष्ण छठी शुभ मुहूर्त

लड्डू गोपाल की छठी की पूजा शाम को चार बजे के बाद की जा सकती है। खासकर शाम के समय यानी प्रदोष काल या जब गायें घर लौटती हैं उस समय बाल गोपाल की पूजा करना बहुत अच्छा माना जाता है। हालांकि, लोग अपनी सुविधा के हिसाब से सुबह के समय भी भगवान श्रीकृष्ण की छठी का उत्सव मना सकते हैं।

ऐसे करें लड्डू गोपाल की पूजा (Krishna Chatti Puja Vidhi)

Krishna Chatti Puja Vidhi
Krishna Chatti Puja Vidhi (AI Generated)
  • लड्डू गोपाल की छठी पूजा करने के लिए सबसे पहले उनके शरीर पर देसी घी से मालिश करें।
  • इसके बाद उन्हें दूध से भरे बर्तन में नहलाएं और इस दौरान उन्हें दूध में तीन बार डुबोएं।
  • दूध के स्नान के बाद साफ गंगाजल से उन्हें दोबारा नहलाएं।
  • नहलाने के बाद कान्हा जी को लाल या पीले रंग के नए कपड़े पहनाएं।
  • इसके बाद उन्हें प्यार से आंखों में काजल लगाएं और बुरी नजर से बचाने के लिए काला धागा पहनाएं।
  • भगवान को उनकी मनपसंद चीजें जैसे कढ़ी, चावल, मक्खन, खीर, पूरी और हलवे का भोग लगाएं।
  • पूजा के अंत में 11, 21 या 51 रुपये लेकर भगवान की नजर उतारें और फिर वे पैसे किन्नरों को दान कर दें।
  • छठी की पूजा मुख्य रूप से शाम के समय करें, जिसमें उनके झूले को फूलों से सजाएं और भजन गाएं।

लड्डू गोपाल की छठी क्यों मनाई जाती है?

हिंदू धर्म में ऐसी परंपरा है कि बच्चे के जन्म के छह दिन बाद छठी मनाई जाती है। इस दिन छोटे बच्चे की खुशी, तरक्की और अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना की जाती है। इसी रीति के अनुसार जन्माष्टमी के छह दिन बाद भगवान श्रीकृष्ण की छठी का त्योहार मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन लड्डू गोपाल की पूजा करने से घर में सुख-शांति और पॉजिटिविटी बनी रहती है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
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Khushi Srivastava

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खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।

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