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Sawan Shivratri 2026 Kab Hai: कब है सावन शिवरात्रि? नोट कर लें चार प्रहर की पूजा का सही समय, पूजन सामग्री और विधि

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ होता है, और सावन शिवरात्रि इस महीने का एक विशेष पर्व है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। सावन शिवरात्रि 2026 में 11 अगस्त को मनाई जाएगी।
11:49 AM Aug 05, 2026 IST | Khushi Srivastava
सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ होता है, और सावन शिवरात्रि इस महीने का एक विशेष पर्व है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। सावन शिवरात्रि 2026 में 11 अगस्त को मनाई जाएगी।
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Sawan Shivratri 2026 Kab Hai (AI Generated)
Sawan Shivratri 2026 Kab Hai: इस समय सावन का पावन महीना चल रहा है। सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की पूजा के लिए साल का सबसे खास समय माना जाता है। पूरे महीने भक्त भोलेनाथ को खुश करने के लिए व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं, जल चढ़ाते हैं और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं। सावन के हर सोमवार का अपना खास महत्व है, लेकिन सावन के महीने में आने वाली शिवरात्रि को भी बहुत फल देने वाला माना गया है। माना जाता है कि इस दिन नियम से पूजा करने और रात में जागकर भक्ति करने से बड़ा पुण्य मिलता है और हर इच्छा पूरी होती है।

इस दिन लोग भगवान शिव को जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और भांग चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि अगर सच्चे दिल और श्रद्धा से शिवजी की पूजा की जाए, तो जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं, घर में सुख-समृद्धि आती है और भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।

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कब है सावन की शिवरात्रि? (Sawan Shivratri 2026 Kab Hai)

Shivling Puja
Shivling Puja (Source: Social Media)

पंचांग के अनुसार, इस साल सावन शिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 4:53 बजे शुरू होगी और 12 अगस्त को रात 1:51 बजे खत्म होगी। चूंकि शिवरात्रि में रात की पूजा का ज्यादा महत्व होता है, इसलिए यह त्यौहार 11 अगस्त को ही मनाना सही रहेगा। इस दिन रात के चारों प्रहर में भगवान शिव की पूजा करने का नियम है।

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चार प्रहर की पूजा का समय (Sawan Shivratri Puja Time)

इन चारों समय पर श्रद्धा से पूजा करने से बहुत पुण्य मिलता है।
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पहले प्रहर की पूजा: शाम 07:04 बजे से रात 09:45 बजे तक
दूसरे प्रहर की पूजा: रात 09:45 बजे से रात 12:26 बजे तक
तीसरे प्रहर की पूजा: रात 12:26 बजे से सुबह 03:07 बजे तक
चौथे प्रहर की पूजा: सुबह 03:07 बजे से सुबह 05:49 बजे तक

सावन शिवरात्रि पूजा सामग्री

  • साफ जल
  • गंगाजल
  • कच्चा दूध
  • दही
  • शहद
  • शक्कर
  • घी
  • बेलपत्र
  • शमी के पत्ते
  • धतूरा
  • सफेद या पीला चंदन
  • अक्षत
  • सफेद फूल और मदार के फूल
  • देसी घी का दिया
  • धूपबत्ती

ऐसे करें शिव जी की पूजा

Sawan Shivratri Puja
Sawan Shivratri Puja (AI Generated)
  • सुबह स्नान करके मंदिर जाएं या घर पर उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके शिवलिंग रखें। इसके बाद मन में व्रत और पूजा करने का संकल्प लें।
  • सबसे पहले शिवलिंग पर साफ जल या गंगाजल चढ़ाएं।
  • दूध, दही, घी, शक्कर और शहद मिलाकर बनाए गए पंचामृत से शिवलिंग को स्नान कराएं, फिर दोबारा साफ जल चढ़ाएं।
  • शिवलिंग पर कलावा या जनेऊ चढ़ाएं।
  • चंदन या भस्म से तिलक लगाएं और चावल चढ़ाएं।
  • बेलपत्र के चिकने हिस्से की तरफ से बेलपत्र, धतूरा, भांग और फूल चढ़ाएं।
  • घी का दिया जलाकर 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • अंत में शिव चालीसा पढ़ें और आरती करें।

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Khushi Srivastava

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खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।

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