W3Schools
Advertisement

सावन सोमवार पर इस तरह करें शिव चालीसा का पाठ! हर परेशानी से मिलेगी मुक्ति और बरसेगी महादेव की कृपा

02:43 PM Aug 10, 2026 IST | Amit Kumar
सावन सोमवार पर इस तरह करें शिव चालीसा का पाठ  हर परेशानी से मिलेगी मुक्ति और बरसेगी महादेव की कृपा
Shiv Chalisa Lyrics in Hindi (credit AI Genreted )

Shiv Chalisa Lyrics in Hindi: आज यानी 10 अगस्त को सावन महीने का दूसरा सोमवार है। भगवान शिव को समर्पित इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। श्रद्धालु सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत रखते हैं और विधि-विधान से महादेव की पूजा करते हैं। बता दें कि सावन सोमवार के दिन सुहागिन महिलाएं अपने शादीशुदा  जीवन में सुख और शांति की कामना से व्रत रखती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की इच्छा से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।

Advertisement

पूजा में जरूर करें शिव चालीसा का पाठ

सावन सोमवार की पूजा के दौरान शिव चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिव चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मकता ऊर्जा दूर होती है। साथ ही भक्त को भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है।

Advertisement

मान्यता है कि नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ करने से जीवन में आने वाली दिक्कतें दूर होती हैं।  इससे व्यक्ति के मन से भय दूर होता है और उसे मानसिक शांति मिलती है। सावन सोमवार पर महादेव की पूजा के साथ शिव चालीसा का पाठ करने से भक्त भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त कर सकता है।

Advertisement

दोहा ॥

श्री गणेश गिरिजा सुवन , मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

॥ चौपाई ॥

जय गिरिजा पति दीन दयाला ।
सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥

भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।
कानन कुण्डल नागफनी के ॥

अंग गौर शिर गंग बहाये ।
मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।
छवि को देखि नाग मन मोहे ॥

मैना मातु की हवे दुलारी ।
बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।
करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।
सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥

कार्तिक श्याम और गणराऊ ।
या छवि को कहि जात न काऊ ॥

देवन जबहीं जाय पुकारा ।
तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥

किया उपद्रव तारक भारी ।
देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥

तुरत षडानन आप पठायउ ।
लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥

आप जलंधर असुर संहारा ।
सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई ।
सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥

किया तपहिं भागीरथ भारी ।
पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥

दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं ।
सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥

वेद नाम महिमा तव गाई।
अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥

प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला ।
जरत सुरासुर भए विहाला ॥

कीन्ही दया तहं करी सहाई ।
नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥

पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा ।
जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥

सहस कमल में हो रहे धारी ।
कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥

एक कमल प्रभु राखेउ जोई ।
कमल नयन पूजन चहं सोई ॥

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर ।
भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥

जय जय जय अनन्त अविनाशी ।
करत कृपा सब के घटवासी ॥

दुष्ट सकल नित मोहि सतावै ।
भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो ।
येहि अवसर मोहि आन उबारो ॥

लै त्रिशूल शत्रुन को मारो ।
संकट से मोहि आन उबारो ॥

मात-पिता भ्राता सब होई ।
संकट में पूछत नहिं कोई ॥

स्वामी एक है आस तुम्हारी ।
आय हरहु मम संकट भारी ॥

धन निर्धन को देत सदा हीं ।
जो कोई जांचे सो फल पाहीं ॥

अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी ।
क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥

शंकर हो संकट के नाशन ।
मंगल कारण विघ्न विनाशन ॥

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं ।
शारद नारद शीश नवावैं ॥

नमो नमो जय नमः शिवाय ।
सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ॥

जो यह पाठ करे मन लाई ।
ता पर होत है शम्भु सहाई ॥

ॠनियां जो कोई हो अधिकारी ।
पाठ करे सो पावन हारी ॥

पुत्र हीन कर इच्छा जोई ।
निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥

पण्डित त्रयोदशी को लावे ।
ध्यान पूर्वक होम करावे ॥

त्रयोदशी व्रत करै हमेशा ।
ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे ।
शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ॥

जन्म जन्म के पाप नसावे ।
अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥

कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी ।
जानि सकल दुःख हरहु हमारी ॥

॥ दोहा ॥

नित नेम कर प्रातः ही, पाठ करौ चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥

मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान ।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण ॥

यह भी पढ़ें: ‘सावन की फुहार, महादेव का प्यार…’, शिवरात्रि पर अपने दोस्तों को शेयर करें ये दिल छू लेने वाले कोट्स

Advertisement
Author Image

Amit Kumar

View all posts

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।

Advertisement
Advertisement
×