'ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा....', सावन सोमवार पर जरूर गाएं भगवान शिव की ये आरती, सुख,समृद्धि समेत बरसेगी महादेव की असीम कृपा
Shiv Ji ki Aarti Lyrics in Hindi: हिन्दू धर्म के अनुसार, भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है। बता दें, कि इस साल सावन की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हुई है। पूरे महीने शिव भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करते हैं तथा विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं। खासकर सावन के सोमवार का महत्व सबसे अधिक माना जाता है, जो आज यानी 3 अगस्त को है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केवल पूजा या जलाभिषेक करना ही नहीं, बल्कि पूजा के आखिरी में भगवान शिव की आरती करना भी बेहद जरूरी होता है। ऐसा कहा जाता है कि आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। अगर सावन सोमवार के दिन पूरे मन से "ॐ जय शिव ओंकारा" आरती गाई जाए तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है।
भगवान शिव की आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।
हंसासन, गरूड़ासन, वृषवाहन साजे॥
दो भुज, चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥
अक्षमाला, वनमाला, मुण्डमाला धारी।
त्रिपुरारी, कंसारी, कर माला धारी॥
श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघम्बर अंगे।
सनकादिक, गरुणादिक, भूतादिक संगे॥
कर के मध्य कमण्डलु, चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी, दुखहारी, जगपालन कारी॥

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्य, ये तीनों एका॥
लक्ष्मी, सावित्री, पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा॥
पर्वत पर सोहें पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग-धतूर का भोजन, भस्मी में वासा॥
जटा में गंगा बहती, गले मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित्य दर्शन जो पावे, महिमा अति भारी॥
त्रिगुणस्वामी जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय शिव ओंकारा...
शिव आरती करने से क्या लाभ मिलता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की आरती करने से पूजा के दौरान हुई छोटी-मोटी भूलों के लिए क्षमा मिल जाती है। इसके साथ ही घर और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। नियमित रूप से सुबह और शाम आरती करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सुख, समृद्धि तथा खुशहाली का वास होता है।
आरती के समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा के बाद कपूर या घी का दीपक जलाकर आरती करना बेहद शुभ माना जाता है। आरती से पहले भगवान गणेश का स्मरण और उनकी आरती करने की भी परंपरा है। इसके बाद पूरे श्रद्धा भाव से शिव आरती करें और आखिरी में परिवार की सुख-शांति एवं सभी की मंगल कामना के लिए प्रार्थना करें।
मान्यता है कि सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा के साथ की गई शिव आराधना कभी बेकार नहीं जाती। सावन सोमवार पर भगवान भोलेनाथ की पूजा, जलाभिषेक, व्रत और आरती करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।

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