Yogini Ekadashi 2026 Puja Samagri List: आज रखा जा रहा योगिनी एकादशी का व्रत! पूजा से पहले नोट कर लें जरूरी सामग्री, विधि और भगवान विष्णु के 4 चमत्कारी मंत्र
07:00 AM Jul 10, 2026 IST | Khushi Srivastava
आज आषाढ़ मास की योगिनी एकादशी का व्रत है। इस दिन भगवान विष्णु की अराधना की जाती है। माना जाता है कि एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख, शांति और खुशहाली आती है और जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू एकादशी का व्रत रखने से 88 हजार ब्राह्मणों को खाना खिलाने जितना पुण्य मिलता है। अगर आप पहली बार योगिनी एकादशी का व्रत रखने जा रही हैं, तो यहां बताई है जरूरी पूजा सामग्री (Yogini Ekadashi 2026 Puja Samagri List) और विधि आपके काम आएगी।
योगिनी एकादशी पर पूजा के लिए शुभ समय क्या है? (Yogini Ekadashi Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ महीने की एकादशी तिथि 9 जुलाई को शाम 07:46 पर शुरू होगी और अगले दिन 10 जुलाई को शाम 04:52 मिनट पर समाप्त होगी। 10 जुलाई को पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 04:54 बजे से 05:26 बजे और दोपहर 01:24 बजे से 02:28 बजे तक रहेगा।
योगिनी एकादशी पूजा सामग्री (Yogini Ekadashi 2026 Puja Samagri List)

- भगवान विष्णु की मूर्ति या फोटो
- गंगाजल
- चंदन
- केसर
- अक्षत
- कपूर
- धूपबत्ती
- देसी घी
- दीपक
- कलावा
- मिठाई
- मौसमी फल
- पंचामृत
- आम के पत्ते
- तुलसी दल
- सूखा नारियल
- पीले रंग का वस्त्र (भगवान के आसन के लिए)
- ताजे फूल और माला
- आरती की थाली
- एकादशी व्रत कथा की पुस्तक
ऐसे करें विष्णु पूजन (Yogini Ekadashi Puja Vidhi)
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। अगर हो सके तो पीले रंग के कपड़े पहनें।
- घर के मंदिर में गंगाजल छिड़क कर सफाई कर लें।
- एक छोटी चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर रखें।
- हाथ में थोड़ा सा पानी, फूल और चावल लेकर व्रत रखने का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु को जल से स्नान कराएं। फिर उन्हें चंदन, जनेऊ और सुंदर वस्त्र अर्पित करें।
- भगवान के सामने धूप-दीपक जलाएं।
- भगवान विष्णु को को पीले फूल, मौसमी फल और चूरमे का भोग लगाएं।
- पूजा में तुलसी के पत्ते जरूर रखें, क्योंकि तुलसी के बिना विष्णु जी की पूजा पूरी नहीं मानी जाती।
- पूजा करते समय मन ही मन या बोलकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करते रहें।
- एकादशी के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ जरूर करें।
- इसके बाद योगिनी एकादशी व्रत की कथा का पाठ करें।
- आखिर में कपूर या घी का दीपक जलाकर भगवान की आरती करें।
इन मंत्रों के जाप से प्रसन्न होंगे श्री हरि (Yogini Ekadashi Mantra)

- ॐ विष्णवे नमः॥
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
- नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि । तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
- कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने । प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः।
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