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FIFA ने पर्सनल इन्वेस्टर्स को हिस्सेदारी देने के प्रोपोज़ल का किया बचाव, कहा- 'फुटबॉल बिकाऊ नहीं है'

FIFA ने निजी निवेशकों को हिस्सेदारी देने के प्रस्ताव का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि वह फुटबॉल या उसके टूर्नामेंटों को नहीं बेच रहा है। संगठन का कहना है कि मीडिया की गलत रिपोर्टिंग से इस मुद्दे को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। वहीं, UEFA और CONCACAF ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है, जबकि FIFA का दावा है कि नई कमर्शियल इकाई का उद्देश्य सदस्य देशों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
06:11 PM Jul 31, 2026 IST | Rishabh Pandey
FIFA ने निजी निवेशकों को हिस्सेदारी देने के प्रस्ताव का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि वह फुटबॉल या उसके टूर्नामेंटों को नहीं बेच रहा है। संगठन का कहना है कि मीडिया की गलत रिपोर्टिंग से इस मुद्दे को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। वहीं, UEFA और CONCACAF ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है, जबकि FIFA का दावा है कि नई कमर्शियल इकाई का उद्देश्य सदस्य देशों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
fifa ने पर्सनल इन्वेस्टर्स को हिस्सेदारी देने के प्रोपोज़ल का किया बचाव  कहा   फुटबॉल बिकाऊ नहीं है
Fifa Defends Private Investment Plan

वर्ल्ड फुटबॉल की सुप्रीम बॉडी FIFA ने अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में बदलाव से जुड़े प्रोपोज़ल पर उठे विवाद के बीच सफाई दी है। ऑर्गनाइजेशन ने साफ किया कि वह फुटबॉल या उसके टूर्नामेंटों को किसी भी कीमत पर नहीं बेच रहा है। FIFA का कहना है कि उसके प्रस्ताव को लेकर कई गलतफहमियां फैलाई गई हैं और मीडिया की गलत रिपोर्टिंग के कारण मेंबर कंट्रीज़ के साथ होने वाली चर्चा प्रभावित हुई है।

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Fifa Defends Private Investment Plan: FIFA Forward Enterprise ने कैसे किया अपना बचाव?

Fifa Defends Private Investment Plan
Fifa Defends Private Investment Plan (Source: Google)

दरअसल, FIFA ने हाल ही में अपनी नई कमर्शियल यूनिट FIFA Forward Enterprise (FFE) बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह कंपनी ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप, टिकट बिक्री और लाइसेंसिंग जैसे कमर्शियल राइट्स का ऑपरेशन करेगी। प्लानिंग के तहत इस नई यूनिट के कुछ शेयर प्राइवेट इन्वेस्टर्स को बेचकर लगभग 4.2 अरब डॉलर जुटाने का टारगेट रखा गया है।

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हालांकि, इस प्रस्ताव का यूरोपीय फुटबॉल महासंघ (UEFA) ने कड़ा विरोध किया है। UEFA ने चेतावनी दी है कि अगर FIFA इस प्लानिंग को लागू करता है, तो उसके सभी 55 सदस्य देश FIFA वर्ल्ड कप और बाकी इंटरनेशनल कॉम्पटीशन्स का बॉयकॉट कर सकते हैं। वहीं, उत्तरी और मध्य अमेरिकी फुटबॉल परिसंघ (CONCACAF) ने भी इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

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FIFA ने जारी किया ऑफिशियल बयान

FIFA Official Statement
FIFA Official Statement (Source: Google)

शुक्रवार को जारी अपने ऑफिशियल बयान में FIFA ने कहा कि वह सभी सदस्य देशों की राय और चिंताओं का सम्मान करता है और इस मुद्दे पर ट्रांस्पेरेंट और डेमोक्रेटिक तरीके से चर्चा जारी रखेगा। संगठन का कहना है कि हर सदस्य देश को पूरी और सही जानकारी के आधार पर फैसला लेने का मौका दिया जाएगा।

FIFA फुटबॉल को बेचना नहीं चाहता

Fifa football News
Fifa football News (Source: Google)

FIFA ने अपने बयान में दोहराया कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य फुटबॉल को बेचना नहीं, बल्कि सदस्य संघों को अपने-अपने देशों में व्यावसायिक अवसरों का बेहतर लाभ उठाने में सक्षम बनाना है। संस्था ने यह भी साफ किया कि नई कमर्शियल यूनिट फुटबॉल की मूल भावना, उसके संचालन या FIFA की स्वतंत्रता से किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।

FIFA का मानना है कि FIFA Forward Enterprise के जरिए सदस्य संघों को आर्थिक रूप से ज्यादा मजबूत बनाया जा सकेगा, जिससे दुनिया भर में फुटबॉल के विकास को नई गति मिलेगी। हालांकि, इस प्लानिंग को लेकर यूरोप और बाकी फुटबॉल संगठनों की आपत्तियों के बीच आने वाले समय में इस मुद्दे पर और व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

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Rishabh Pandey

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ऋषभ पांडे पिछले चार साल से पत्रकारिता के फिल्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं

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