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कोरोना जांच के लिए मरीजों को जबरन अस्पताल ले जाना हिरासत जैसा - अरविंद केजरीवाल

कोरोना जांच के लिए मरीजों को जबरन अस्पताल ले जाना हिरासत जैसा -  अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि हर कोविड-19 रोगी का सरकारी अस्पताल जाना जरूरी होने संबंधी नयी व्यवस्था को वापस लिया जाना चाहिए। 
केजरीवाल ने कहा कि यह आदेश सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन और पुलिस कोरोना वायरस संक्रमितों के आकलन के लिए उन्हें कोविड अस्पतालों में जबरदस्ती लेकर जाते हैं तो यह उनकी 15 दिन की हिरासत की तरह होगा। 
केजरीवाल ने कोविड-19 देखभाल केंद्र बनाए गए एक बैंक्विट हॉल के दौरे के समय संवाददाताओं से कहा, ‘‘दिल्ली सरकार, केंद्र और अन्य संगठन एक दूसरे के साथ समन्वय से काम कर रहे हैं। मैं केंद्र से आदेश वापस लेने का अनुरोध करता हूं।’’ 
उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था के तहत यदि किसी कोरोना वायरस संक्रमित रोगी को 103 बुखार है तो उसे भी सरकारी केंद्रों में लंबी कतारों में लगना पड़ेगा।केजरीवाल ने कहा कि क्या व्यवस्था इस तरह की होनी चाहिए।
राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को और 3,788 लोगों के कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के साथ ही दिल्ली में कोविड-19 के मामले 70,000 के पार चले गए जबकि शहर में अभी तक इस संक्रमण से 2,365 लोग की मौत हुई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी हैं। 
मंगलवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 3,947 नए मामले सामने आए थे। शुक्रवार-शनिवार से राष्ट्रीय राजधानी में 3000 या उससे अधिक नये मामले रोज आ रहे हैं।सोमवार को 2909 नये मरीज सामने आये थे। 
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को एक बुलेटिन में बताया कि पिछले 24 घंटे में 64 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या मंगलवार को 2,301 थी। बुलेटिन के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक कुल 2,365 लोग की मौत हुई है जबकि अभी तक कुल 70,390 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। 
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