वन नेशन-वन इलेक्‍शन से पहले देश में लागू हो वन हेल्‍थ और वन एजुकेशन : पप्‍पू यादव

पटना : जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सह पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव ने आज पटना में संवाददाता सम्‍मेलन के दौरान मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से सैकड़ों बच्‍चों की मौत और औरंगाबाद व नवादा में लू से सैकड़ों लोगों की मौत को राजनीतिक हत्‍या बताया। साथ ही इसके लिए जिम्‍मेवार मुख्‍यमंत्री के साथ – साथ प्रधानमंत्री और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को भी ठहराया। 

जाप (लो) अध्‍यक्ष ने कहा कि मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मौत मानवीय आपदा है। इस बुखार की मुख्‍य वजह कुपोषण है, जिसके खिलाफ हम 24 जून से वैशाली के गांव से आंदोलन की शुरूआत करेंगे और कुपोषित लोगों को पार्टी गोद लेगी और जनजागरूकता अभियान चला कर 1 करोड़ हस्‍ताक्षर लिये जायेंगे, जिसे राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा जायेगा। साथ ही अगर 25 जून तक बच्‍चों के मरने का सिलसिला नहीं थमता है, तो हम मुजफ्फरपुर में अनिश्विचतकालीन भूख हड़ताल करेंगे।  

पप्‍पू यादव ने मुजफ्फरपुर मामले में केंद्र सरकार के मंशे पर सवाल खड़े किये और कहा कि गरीब लोगों की मौत पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। वन नेशन – वन इलेक्‍शन से पहले देश में वन नेशन – वन हेल्‍थ – वन एजुकेशन लागू हो। पार्टी इसके लिए आने वाले दिनों में आंदोलन करेगी। इसके अलावा जाप (लो) मांग करती है कि लोकसभा में अकाउंटेबलिटी बिल पास हो और नेता व पदाधिकारियों की अकाउंटेबलिटी तय हो। साथ ही पार्टी सरकार से स्‍वास्‍थ्‍य बजट 9 हजार 5 सौ करोड़ पर श्‍वेत पत्र जारी करने का भी मांग करती है। हम जनलोकपाल बिल का पुरजोर समर्थन करते हैं और मांग करते हैं कि यह बिल लोकसभा में पारित हो, जिसे सब भूल गए हैं। इसके अलावा हम पानी के सवाल पर भी राज्‍यव्‍यापी आंदोलन चलायेंगे।

उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को भी निशाना बनाया। उन्‍होंने केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री से पूछा कि जब उन्‍होंने मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार की मौत पर रिसर्च सेंटर बनाने की घोषणा की थी, तो क्‍या हुआ उस रिसर्च सेंटर का। उस रिसर्च में कितने खर्च हुए और अब तक कितना रिसर्च हुआ। 

मुज़फ़्फ़रपुर में ट्रामा सेंटर खोलने की बात कही थी वो ट्रामा सेंटर कहाँ हैं? बिहार के किसी भी अस्पताल में हर जरूरी सुविधा उपलब्ध क्यों नहीं है? उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रवाद के नाम पर जब वोट पीएम मोदी ने लिया, तो आज जब बच्‍चे मर रहे हैं, तो उनको एक ट्विट करने की फुर्सत नहीं है। क्‍यो यही है सबका साथ – सबका विकास। उन्‍हें एक खिलाड़ी के चोट पर ट्विट करने का समय मिलता है, लेकिन जब बिहार में गरीब के बच्‍चे मरते हैं, तब वे अशोका होटल में दावत उड़ाते हैं। यह संवेदनहीनता है।
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