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अधिनायकवादी चीनी सरकार से निपटने के लिए ‘लोकतांत्रिक देशों का नया गठबंधन’ बने : अमेरिका

पोम्पिओ ने सभी देशों से चीन के साथ भागीदारी में परस्पर आदान-प्रदान, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अधिनायकवादी चीनी सरकार से निपटने के लिए ‘लोकतांत्रिक देशों का नया गठबंधन’ बने : अमेरिका
चीन पर उसकी विस्तारवादी नीतियों और कोविड-19 महामारी पर कथित रूप से पर्दा डालने के लिए निशाना साधते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अधिनायकवादी चीनी सरकार द्वारा पैदा की जा रही चुनौतियों से निपटने के लिए ‘‘लोकतांत्रिक देशों का एक नया गठबंधन’’ बनाने पर जोर दिया।
पोम्पिओ ने सभी देशों से चीन के साथ भागीदारी में परस्पर आदान-प्रदान, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बृहस्पतिवार को निक्सन लाइब्रेरी में यह भाषण पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के चीन की यात्रा करने वाले अमेरिका का पहला राष्ट्रपति बनने के करीब 50 साल बाद दिया। पोम्पिओ ने कहा कि आज चीन अपने देश में तेजी से तानाशाह और अपने शत्रुओं के प्रति अधिक आक्रामक बन रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछली गलतियों को न दोहराएं। चीन की चुनौतियों से यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और खासतौर से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लोकतंत्रों के एकजुट होने की मांग पैदा हो गई है। यह रोकथाम के लिए नहीं है। यह एक जटिल नयी चुनौती है जिसका हमने पहले कभी सामना नहीं किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस चुनौती का अकेले सामना नहीं कर सकते। संयुक्त राष्ट्र, नाटो, जी7, जी20, हमारी संयुक्त आर्थिक, कूटनीतिक और सैन्य शक्ति इस चुनौती से निपटने के लिए पर्याप्त है। शायद यह एक जैसी विचारधारा वाले देशों का नया समूह... लोकतंत्रों का नया गठबंधन बनाने का समय है।’’ विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिका ने ह्यूस्टन में चीन के वाणिज्य दूतावास को बंद कर दिया क्योंकि यह जासूसी और बौद्धिक संपदा की चोरी का केंद्र था।

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