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टाट्रा ट्रक भ्रष्टाचार मामले में पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी से की गई जिरह

पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी से टाट्रा ट्रकों की खरीद से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुधवार को जिरह की गई।
टाट्रा ट्रक भ्रष्टाचार मामले में पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी से की गई जिरह
 पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी से टाट्रा ट्रकों की खरीद से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुधवार को जिरह की गई।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक मामला दर्ज किया था जिसके मुताबिक, तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह ने आरोप लगाया था कि 22 सितंबर 2010 को उनके दफ्तर में एक मुलाकात के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह ने उन्हें टाट्रा ट्रक समेत 1676 एचएमवी (हाई मोबिलिटी व्हिकल्स) खरीद की फाइल को मंजूरी देने के लिए 14 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार दुबे और अधिवक्ता अनुराग एंडली ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से जिरह की। इस दौरान एंटनी ने कहा कि घटना के संबंध में उन्हें या मंत्रालय को कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की गई थी।
पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा, “वी के सिंह ने एक बार मुझे इस मामले के बारे में बताया था...उन्होंने तेजिंदर सिंह के नाम का उल्लेख किया था...आदर्श घोटाला जैसे अन्य मामले में वे मुझे या रक्षा सचिव को आधिकारिक तौर पर पत्र लिखा करते थे। इस बार मेरी समझ यह थी कि उन्होंने मंत्रालय से शिकायत नहीं की। वी के सिंह ने मुझे बताया कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।”
एंटनी ने कहा कि सिंह ने उन्हें कोई लिखित नोट नहीं दिया या तेजिंदर सिंह के साथ उनकी बातचीत की कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत नहीं की ।
पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह के खिलाफ एक अदालत ने 2019 में आरोप तय कर दिए थे।
 
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