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पूर्व भारतीय क्रिकेटर व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने कहा- किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक तौर पर मजबूत होना अहम

पूर्व भारतीय क्रिकेटर व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने कहा- किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक तौर पर मजबूत होना अहम
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटील ने कहा है कि इस कोरोना वायरस के कारण जो स्थिति पैदा हुई है उसमें खिलाड़ी को मानसिक तौर पर मजबूत रहना काफी अहम है। कोरोना वायरस के कारण तमाम तरह की क्रिकेट गतिविधियां मार्च के मध्य से ही स्थगित हैं। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की जुलाई में होने वाली टेस्ट सीरीज के साथ क्रिकेट की वापसी होगी। पाटील ने  स्पोटर्स टीवी चैनल के शो पर कहा, यह निश्चित तौर पर मुश्किल समय है और किसी भी खिलाड़ी के लिए बिना चोट के वापसी करना असल चीज होगी।

पाटिल ने कहा, लेकिन उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि इन सब चीजों से पहले मानिसक तौर पर निपटना होगा। आपको धीरे-धीरे अपना फोकस इस बात पर लाना होगा कि आप बिना चोट के वापसी करें। उन्होंने कहा, जब मैं केन्या का कोच था तब भी मेरा ध्यान किसी भूी टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को मानसिक तौर पर मजबूत करने पर होता था। 

1983 विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे पाटिल ने उस ऐतिहासिक जीत को याद करते हुए कहा, 83 विश्व कप के फाइनल में, जब वेस्टइंडीज ने हमें 183 रनों पर रोक दिया था, हमें लगा कि हम हार गए। लेकिन मैदान पर जाने से पहले हमने एक टीम के तौर पर अपने दिमाग में संकल्प किया, और बाकी का इतिहास है। उन्होंने कहा, ग्रीनीज, विवि रिचडर्स जैसे बल्लेबाजों को गेंदबजी करना आसान नहीं था क्योंकि हम ट्रॉफी को उठाना चाहते थे, तो हम यह कर सके। इसलिए किसी भी खिलाड़ी या क्रिकेटर के लिए मानसिक तौर पर मजबूत होना काफी अहम है।

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