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स्वतंत्रता दिवस पर गहलोत ने फहराया झंडा! CM ने कहा- देश के स्वर्णिम इतिहास से प्रेरणा ले युवा

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को भारत के 76वें स्वतंत्रता दिवस पर सुबह आठ बजे मुख्यमंत्री आवास पर ध्वजारोहण किया।
स्वतंत्रता दिवस पर गहलोत ने फहराया झंडा! CM ने कहा- देश के स्वर्णिम इतिहास से प्रेरणा ले युवा
आजादी के अमृत महोत्सव पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने औपचारिक तौर से कहा कि  भारत के 76वें स्वतंत्रता दिवस पर सुबह आठ बजे मुख्यमंत्री आवास पर ध्वजारोहण किया।
गहलोत ने जयपुर में कांग्रेस कार्यालय पर भी तिरंगा फहराया
 मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक   उन्होंने लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई भी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास (सीएमआर) के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी उपस्थित थे। गहलोत ने जयपुर में कांग्रेस कार्यालय पर भी तिरंगा फहराया।
मुख्यमंत्री सुबह 9.15 बजे एमएमएस स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे। वहां पहुंचने से पहले लह बड़ी चौपड़ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।
 गहलोत आज 76वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर....
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकतंत्र की महान परम्पराओं को आगे बढ़ने की जिम्मेदारी सबकी बताते हुए कहा है कि देश की नई पीढ़ को लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता तथा समाजवाद के संवैधानिक मुल्यों को आत्मसात कर देश-प्रदेश की उन्नति के लिए काम करने की जरुरत हैं और उन्हें देश के स्वर्णिम इतिहास से प्रेरणा लेनी चाहिए।
 गहलोत आज 76वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर बडी चौपड़ पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां ध्वजारोहण किया और उपस्थित जनसमुदाय को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश की आजादी का इतिहास पढ़ना चाहिए ताकि वे स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से रूबरू हो सके। इतिहास पढ़ने से ही नई पीढ़ जान सकेगी कि आजादी की कीमत क्या होती है और लोकतंत्र का क्या महत्व है।
आजादी के बाद देश में लोकतंत्र कायम हुआ- गहलोत
 जानकारी के मुताबिक  उन्होंने ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनके लम्बे संघर्ष और समर्पण से देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली। आजादी के बाद देश में लोकतंत्र कायम हुआ। उन्होंने कहा कि इस मुल्क में विभिन्न धर्म, सम्प्रदाय और जातियों के लोग रहते हैं। विभिन्न भाषाएं बोली जाती हैं। इतनी विविधता के बावजूद हमारे नेताओं ने सर्वधर्म समभाव, समाजवाद एवं धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के साथ इस देश को एकजुट एवं अखण्ड रखा। इन सिद्धांतों पर चलते हुए ही हमें आगे भी देश की एकजुटता कायम रखनी होगी।

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