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झारखंड के गिरिडीह में गोलगप्पा बना जान का दुश्मन, 1 बच्चे की मौत, 17 अस्पताल में भर्ती

04:58 PM Apr 27, 2026 IST | Rohit Singh
झारखंड के गिरिडीह में गोलगप्पा बना जान का दुश्मन  1 बच्चे की मौत  17 अस्पताल में भर्ती
Giridih Food Poisoning News

Giridih Food Poisoning News : झारखंड के गिरिडीह से फ़ूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया है जहां गोलगप्पा खाने के चलते 1 बच्चे की मौत हो गई है. वहीं, 17 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं. मामला झारखंड के गिरिडीह के मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है. जहां बजटो गांव में शनिवार की शाम गोलगप्पा खाने से यह घटना घटी.

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Bajto Food Poisoning: 1 बच्चे की मौत, 17 बीमार

बता दें इस मामले में 6 साल के बच्चे रंजन कुमार वर्मा की मौत हुई है. शेष सभी का इलाज असपताल में चल रहा है. वहीँ सदर असपताल का कहना है कि फिलहाल बीमार बच्चों की हालत में सुधार है और वे खतरे से बाहर हैं.

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जानकारी के अनुसार जिस दिन यह घटना घटी उस दिन गांव में गोलगप्पा बेचने वाला आया था. वह चाट बेचने अक्सर गांव में आता रहता था. वह उसी थाना क्षेत्र के पाल्मो का रहने वाला है. उसी से अक्सर गांव वाले गोलगप्पे या चाट खाया करते थे.

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Giridih Food Poisoning News: इलाके का लोकल दुकानदार

Giridih Food Poisoning News
Jharkhand Giridih Food Poisoning News (Source: Social Media)

बता दें जिन लोगों ने उस दिन चाट व गोलगप्पे खाए उस के अगले दिन लोगों के पेट दर्द होने लगा. उन्हें उलटी और दस्त जैसी प्रॉब्लम भी होने लगी. पहले लोगों ने इसे नार्मल माना, मगर शाम होते होते यह समस्या बढती चली गई, और इस मामले में एक बच्चे की मौत हो गई. इसके बाद लोग घटना को लेकर गंभीर हुए.

आनन फानन में बीमार बच्चों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भर्ती कराया गया. जहां बच्चों का इलाज संभव हो पाया और उनकी हालत में सुधार हुआ.

Pani Puri Illness in Jharkhand: विधायक ने जांच के दिए आदेश

इस मामले में गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि गिरिडीह में हुई खाद्य विषाक्तता की घटना बेहद दुखद है. हम इस दुःख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ हैं. जिला प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, भोजन की समुचित जांच सुनिश्चित करने और अस्पताल में भर्ती सभी लोगों की बेहतर देखभाल करने के निर्देश दिए गए हैं.

हालांकि यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का भी दिखाई दे रहा है. जहां फ़ूड इन्स्पेक्टर की लापरवाही उजागर होती है. यदि इस तरह की जांच समय समय पर होती रहे तो विक्रेता ऐसे खाद्य बेचने से पहले सोचने पर मजबूर हों.

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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