विकास के कार्य पूरे करने को झारखंड में भाजपा को दें पूर्ण बहुमत : शाह

08:21 PM Nov 21, 2019 | Shera Rajput
केंद्रीय गृहमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने झारखंड के लोगों से एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान करते हुए आज कहा कि यदि पार्टी दुबारा सत्ता में आई तो विकास के लंबित कार्यों को पूर्ण करेगी। 

श्री शाह ने यहां बी.एस. कॉलेज मैदान में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लोहरगा अपने धातु भंडार के लिए जाना जाता है इसलिए यहां के लोगों को वैसी पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहिए जिसमें जंग न लगा हो। पिछले पांच साल में भाजपा सरकार ने झारखंड के विकास के लिए काम किया है यदि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा दुबारा सत्ता में आई तो विकास के लंबित पड़ सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। 

भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस और हमला करते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस सत्ता में रही तबतक झारखंड राज्य का गठन नहीं हो सका लेकिन जब केंद, में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी तब यह संभव हुआ। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने वैसे लोगों से हाथ मिला लिया जो केवल सत्ता में आने के लिए युवओं पर गोली चलाने के आदेश देते हैं।

श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो ने आदिवासियों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुऐ कहा कि इन दलों ने कभी भी आदिवासियों के कल्याण के लिए अलग मंत्रालय बनाए जाने की पहल नहीं की लेकिन श्री वाजपेयी की सरकार में इनके कल्याण के लिए अलग मंत्रालय बनाय गया। 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड के प्रत्येक प्रखंड में एकलव्य विद्यालय की शुरुआत की जाएगी, जहां आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि झारखंड में 200 करोड़ रुपये की लागत से शहीदों के सम्मान में एक संग्रहालय का भी निर्माण कराया जा रहा है। 

श्री शाह ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में केंद, में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने का ही परिणाम है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले संविधान के अनुच्छे 370 तथा 35 (ए) के प्रावधानों को समाप्त किया जा सका। 

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारें इस मुद्दे पर यथास्थिति बनाएं रखना चाहती थी लेकिन भाजपा ने वोट बैंक की चिंता किए बगैर यह फैसला करके दिखा दिया है।