स्कूल-कालेज और शिक्षा संस्थानों में रही सरकारी छुटटी, सडक़े रही विरान, सूबे में छाया सन्नाटा

लुधियाना-जालंधर : दक्षिणी दिल्ली के तुगलकाबाद में स्थित गुरू रविदास जी के साढ़े तीन सौ साल पुराने इतिहासिक मंदिर को डीडीए द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश उपरांत खाकी वर्दीधारियों की छत्रछाया तले गिराए जाने के रोष स्वरूप मंदिर की पुन: बहाली के लिए पंजाब भर के रविदासी समुदाय के सदस्यों और दलितों के रोष स्वरूप मंदिर के पुन: निर्माण की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से पंजाब में किए जा रहे संघर्ष के चलते आज मंगलवार को पंजाब पूर्ण रूप से बंद दिखा। 

इस दौरान पंजाब के सभी हलकों से रविदासीयों के प्रदर्शनों की खबरें है। वही मुकेरिया के नजदीक हरसे मानसर में बंद करवाने को लेकर खूनी झड़प होने की खबर है। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए गोली चलाई। इस दौरान कई मोटर साइकिलों समेत वाहनों को लोगों ने तोड़ दिए। आधा दर्जन के करीब लोगों के जख्मी होने की खबर है जबकि सूबे के माझा इलाके  के तरनतारन स्थित कुछ दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानें और अन्य कारोबार खुले रखे तो दोपहर के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने जबरी नारेबाजी करते हुए दुकानें बंद करवाई। 

इसी प्रकार जिला अमृतसर के ही नजदीक लगते लोपो के कस्बे के अंदर चोगवां में भाई रविदास के लोगों द्वारा अमन-अमान के साथ दुकानें बंद करवाई जा रही थी कि कुछ लोगों द्वारा मेडिकल स्टोर, दवाईयों की दुकानें जिनको बंद के दौरान खुला रखने की छूट मिली थी, को कुछ शरारती तत्वों द्वारा धक्केशाही के साथ बंद करवाने की चेष्टा हुई तो इस तकरारबाजी में मामला तू-तू-मैं-मैं से गुजरता हुआ गाली-गलौच तक जा पहुंंचा। इसी दौरान लोपो के की पुलिस ने मोके पर पहुंचकर स्थिति को शांत करके मोका संभाला।  

उधर दोआबा के दलित समुदाय से संबंधित सतलुल दरिया पर बसे बहुल क्षेत्र नवांशहर में पंजाब बंद के आहवान को लेकर दलित जत्थेबंदियों द्वारा लगाए गए धरने के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण बन गई, जब शहर के कुछ हिंदु संगठनों के आगुओं ने दुकानें खुलवाने के लिए कारोबारियों को शटर उठाने को कहना शुरू कर दिया, उस समय पुलिस द्वारा दोनों समुदायों के मध्य टकराव को काफी मशक्कत उपरांत रोका गया। दलित जत्थेबंदियों द्वारा चंडीगढ़ चौक में लगातार धरना जारी है।   

श्री गुरु रविदास जी का मंदिर गिराने के विरोध में रविदास समाज के बंद से पंजाब में पूरी तरह जाम दिखा। बंद का पंजाब के अधिकतर जिलों में व्यापक असर हुआ। हालांकि प्रशासन ने लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर और फगवाड़ा समेत गुरदासपुर और पटियाला जिलों के समस्त कारोबारी और दुकानदारों को शटर बंद रखने के आदेश दिए हुए थे। जबकि पंजाब के शिक्षामंत्री के आदेश पर शिक्षण और स्कूल-कालेज (प्राइवेट व सरकारी और अद्र्धसरकारी) संस्थानों में भी एहतियात के तौर पर पहले से ही छुटटी कर दी गई थी।

पूरे राज्य में बंद को लेकर रविदास समाज के लोगों ने विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया और सडक़ों पर धरना दे दिया। इससे सडक़ यातायात जाम हो गया। राज्य में अधिकतर स्थानों पर बाजार बंद रहे। बसें नहीं चलने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई। लुधियाना के पास बंद समर्थकों ने ट्रेनों का आवामगन रोक दिया। बाद में करीब दो घंटे के बाद ट्रैक चालू हुआ और ट्रेनों का आवागमन शुरू हुआ। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बटाला में रेल ट्रैक जाम कर दिया। 

प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर धरना देकर बैठ गए। उधर जालंधर में दलितों के रोष प्रदर्शन में दिए गए पंजाब बंद के आहवान को पंजाब में कांग्रेस द्वारा समर्थन दिए जाने की घोषणा के उपरंात आज कई कांग्रेस के प्रमुख आगुओं ने भाईचारे के समर्थन के लिए धरने पर बैठे। आज जालंधर में रविदासी समुदाय के प्रभावशाली इलाके रविदास चौक में लगाए धरने पर अपनी एक जुटता प्रकट करने के लिए सांसद सदस्य श्री संतोख चौधरी, कांग्रेसी विधायक स. प्रगट सिंह, मेयर श्री जगदीश राज उर्फ राजा और सीनियर डिप्टी मेयर श्रीमती सुरिंद्र कौर समेत कई कांग्रेसी आगु और कोंसलर शामिल हुए। इसके अलावा रविदासी संघर्ष कमेटी द्वारा रोबिन सांपला भी शामिल थे। 

फगवाड़ा में शुगर मिल के पास नैशनल हाईवे पर हजारों की संख्या में दलित समुदाय के लोगों ने इकटठे होकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाएं दिल्ली सरकार का स्यापा करती दिखी। जबकि अमृतसर में बंद के दौरान एक बड़ा रोष मार्च निकाला गया। फरीदकोट में मुकम्मल बंद दिखा।  इस बीच कुछ जगहों पर जबरन दुकान बंद कराने को लेकर कुछ जगहों पर दुकानदारों और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद और झड़प हुई। 

स्मरण रहे कि रविदासियों की एक्शन कमेटी ने पहले कहा गया था कि यातायात को जाम नहीं किया जाएगा, लेकिन प्रदर्शनों के कारण बसों के पहिये थम गए। इससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। ट्रेनों का कई घंटे आवागमन बंद रहने से भी लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।

उधर, बटाला में भी प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। वे रेलवे ट्रैक पर धरना देकर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने यहां ट्रेनों को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर जानेवाली डीएमयू को बटाला रेलवे स्टेशन में रोक दिया।  उधर पठानकोट से अमृतसर की ओर आने वाली ट्रेन को स्टेशन मास्टर ने सीना रेलवे स्टेशन पर रुकवाया।

दूसरी ओर, इस बंद के दौरान प्रदर्शन में आतंकियों की घुसपैठ की आशंका के कारण राज्य में हाई अलर्ट जारी किया गया। पूरे राज्य में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। राज्य में पांच हजार अतिरिक्त पुलिस के जवान तैनात किए गए। शहरों में प्रमुख स्थानों पर पुलिस और अर्द्ध सैनिक बलों के जवान तैनात रहे।

अबोहर और मानसा में भी बंद का व्यापक असर हुआ। प्रमुख बाजार बंद रहे और बसों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रमुख स्थानों पर अर्द्ध सैनिक बलों और पंजाब पुलिस के जवानों  को तैनात किया गया था। रविदास समाज के लोग सुबह से प्रदर्शन करते रहे।

उधर पटियाला में बंद का मिलाजुला असर पड़ा। यहां बंद का बस सेवा के परिचालन पर असर पड़ा। बस सेवा बाधित होने से विभिन्न महकमों के कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए। शहर में रविदास समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया।

- सुनीलराय कामरेड 
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