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सरकार की चाल, किसान हो जाएं बेहाल: मंजूबाला पाठक

मंजूबाला पाठक ने हरसिमरत कौर की तारीफ करते हुए कहा ऐसे काले कानून के विरोध में श्रीमती कौर का इस्तीफा क़ाबिल ए तारीफ है। हम सब अपने किसान भाइयों के साथ है। किसान हमारे अन्न दाता है उनके लिए कांग्रेस अपनी पूरी शक्ति लगा देगी।
सरकार की चाल, किसान हो जाएं बेहाल: मंजूबाला पाठक
पटना: बिहार महिला कांग्रेस की पूर्व उपाध्यक्ष मंजूबाला पाठक ने कहा है कि सरकार ने हमारे किसान भाइयों के साथ धोखा करते हुए संसद में एक दो नहीं बल्कि तीन एन्टी फार्मर बिल पास कर दिए। इस बिल के अनुसार अब किसानों की फसल के अनुसार मंडी के अलावा कोई भी किसानों के उत्पादों को औने-पौने दामों में खरीद सकेगा। 

इसके अलावा किसानों को कॉन्ट्रैक्ट के चक्कर मे फंसा कर कॉर्पोरेट हाउसेज उनकी जमीन और फसल दोनों ले लेगी। पूरे देश मे इसके खिलाफ किसानों में आक्रोश है। बता दें कि पिछले दिनों तीन बिल पास किये गए जिनके अनुसार किसान मंडी के अलावा कही भी अपना अनाज बेंच सकेगा। इसके अलावा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के नाम से भी एक बिल पास किया गया है। 

जिसके अनुसार किसान किसी भी व्यापारी से फसलों का कॉन्ट्रैक्ट कर सकेगा और अनाज व्यापारी को देना होगा। इसके विरोध में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर ने इस्तीफा भी दे दिया। मंजूबाला पाठक ने कहा कि सरकार कॉरर्पोरेट को लाभ पहुचाने के लिए ऐसा कर रही है।छोटे किसानों को तबाह करना चाहती है सरकार। कांग्रेस ने संसद में इसका पुरजोर विरोध किया और अब सड़क पर भी कांग्रेस इसका विरोध करेगी। 

मंजूबाला पाठक ने हरसिमरत कौर की तारीफ करते हुए कहा ऐसे काले कानून के विरोध में श्रीमती कौर का इस्तीफा क़ाबिल ए तारीफ है। हम सब अपने किसान भाइयों के साथ है। किसान हमारे अन्न दाता है उनके लिए कांग्रेस अपनी पूरी शक्ति लगा देगी।

मंजूबाला पाठक ने बिहार वासियों से अपील की कि इस बार के चुनावों मे इस निरंकुश सरकार को उखाड़ फेकिये। किसान भाइयों से अपील की कि इस बार सत्ता परिवर्तन के लिए आप आगे आइए। पूंजीपतियों की इस सरकार को सबक सिखाना जरूरी हो गया है। इनको इन चुनावों बता देंगे कि लोकतंत्र में धनबल से बड़ा जनबल होता है।
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