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कृषि कानूनों पर PM ट्रूडो के बयान से खराब हो सकते हैं भारत-कनाडा के संबंध : केंद्र सरकार

देश में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन पर विदेश से भी प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी टिप्पणी की थी।
कृषि कानूनों पर PM ट्रूडो के बयान से खराब हो सकते हैं भारत-कनाडा के संबंध : केंद्र सरकार
देश में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन पर विदेश से भी प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी टिप्पणी की थी। जिसके जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि इससे भारत और कनाडा के संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है। ट्रूडो की टिप्पणी पर शिवसेना के सांसद अनिल देसाई द्वारा किये गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने यह बात कही। 
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया, कनाडा के प्रधानमंत्री के कृषि कानूनों के विषय में की गई टिप्पणी की जानकारी है। हमने इस घटना को ओटावा और नई दिल्ली दोनों स्थानों पर कनाडा के सक्षम प्राधिकारियों के साथ उठाया है और उन्हें बताया है कि भारत के आंतरिक मामलों से संबंधित टिप्पणियां अनुचित और अस्वीकार्य हैं और इनसे भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचेगा। 
अनिल देसाई ने अपने सवाल में पूछा था कि क्या सरकार को कनाडा के प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय संसद से पारित कृषि विधेयकों के विरुद्ध टिप्पणी करते हुए भारत के आंतरिक मामलों के हस्तक्षेप किए जाने की जानकारी है? क्या सरकार इसे अनुचित और अनावश्यक मानती है? यदि हां, तो क्या कनाडा के साथ इस संबंध में कोई विरोध दर्ज किया गया है और कनाडा के प्राधिकारियों ने इस पर प्रतिक्रिया दी गई है। 
बता दें कि देश में पिछले 26 नवंबर से चल रहे किसान आंदोलन पर बीते एक दिसंबर को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने टिप्पणी करते हुए इस पर चिंता जताते हुए आंदोलन का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध के अधिकारों की रक्षा के लिए कनाडा हमेशा साथ रहेगा, फिर चाहे वो किसी भी देश में क्यों ना हो। 

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