अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान का संदर्भ व्यापार संतुलन से था, चिंताओं पर ध्यान देंगे : विदेश मंत्रालय

09:27 PM Feb 20, 2020 | Shera Rajput
'अमेरिका के साथ भारत ने अच्छा व्यवहार नहीं किया’ संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि बयान का संदर्भ व्यापार संतुलन से था और उन चिंताओं पर ध्यान देने के प्रयास किये गये हैं। 

भारत की 24-25 फरवरी की यात्रा से पहले ट्रंप ने कहा था कि कारोबार के क्षेत्र में भारत ने उनके देश के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया । उन्होंने इसके साथ संकेत दिया कि ऐसा हो सकता है कि नई दिल्ली के साथ ‘बड़ा द्विपक्षीय समझौता’ अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले नहीं हों । 

अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘‘ जिस संदर्भ में यह दिया गया है, उसे समझना महत्वपूर्ण है। ट्रंप के बयान का संदर्भ व्यापार संतुलन से था, उन चिंताओं पर ध्यान देने के प्रयास किये गये हैं।’’ 

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कब हस्ताक्षर होंगे के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हम कोई कृत्रिम समय सीमा सृजित नहीं करना चाहते क्योंकि ऐसे समझौतों का लाखों लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ता है। हमारे लिये लोगों के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में जल्दबाजी ठीक नहीं है।’’ 

उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते कारोबार का भी जिक्र किया । 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी को दो दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं जिसमें दोनों देशों के बीच के सामरिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने सहित रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से लड़ाई, व्यापार, ऊर्जा, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी । 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं, इससे हमारे वैश्विक सामरिक संबंध और मजबूत होंगे।’’ 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच वार्ता समग्र होगी और इसमें रक्षा, सुरक्षा, आतंकवाद से लड़ाई, व्यापार, ऊर्जा, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और अन्य द्विपक्षीय मामलों सहित हमारी रणनीतिक भागीदारी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी। 

उन्होंने कहा कि दोनों नेता साझा हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। 
यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी-ट्रंप की बातचीत में सीमापार आतंकवाद का विषय भी आ सकता है, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ पुलवामा हमले के बाद भारत-अमेरिका के बीच मजबूत आतंकवाद रोधी सहयोग दिखाई दिया है। दोनों देशों के बीच आतंकवाद रोधी क्षेत्र में काफी सहयोग है।’’ 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को चिह्नित करने में भी अमेरिका से काफी सहयोग मिला । 

यह पूछे जाने पर कि ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान कितने समझौतों पर दस्तखत होंगे, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पांच सहमति-पत्रों पर अभी चर्चा चल रही है जिसमें एक बौद्धिक संपदा से जुड़ा है । 
उन्होंने कहा कि मोदी-ट्रंप वार्ता में एच1बी वीजा से जुड़े विषय पर बातचीत हो सकती है। 

विदेश मंत्रालय के अनुसार, ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 24 फरवरी को दोपहर में अहमदाबाद पहुंचेगा। अहमदाबाद से ट्रंप आगरा जाएंगे और ताजमहल का दीदार करेंगे। इसके बाद वह दिल्ली रवाना होंगे। 

अहमदाबाद के नवनिर्मित मोटेरा स्टेडियम में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। 

ट्रंप अहमदाबाद में जिस मार्ग से गुजरेंगे, वहां देश के विभिन्न हिस्सों की झलक दिखाने वाले 28 मंच तैयार किए जा रहे हैं, जिसे ‘इंडिया रोड शो’ कहा जा रहा है। 

ट्रंप के मार्ग में गांधी जी के जीवन को दर्शाते विभिन्न दृश्य भी होंगे। मोदी और ट्रंप मोटेरा स्टेडियम बड़ी संख्या में दर्शकों को संबोधित करेंगे जिसमें देश की विविधता को दर्शाते भारत के विभिन्न हिस्सों के लोग शामिल होंगे। 

अहमदाबाद में कार्यक्रम के बाद ट्रंप अपनी पत्नी के साथ आगरा जाएंगे जहां वे ताजमहल में लगभग एक घंटा रुकेंगे। 

इसके बाद ट्रंप दिल्ली रवाना होंगे। इसके अगले दिन 25 फरवरी की सुबह ट्रंप और उनकी पत्नी का राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत किया जाएगा । वे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने राजघाट जाएंगे। इसके बाद हैदराबाद हाउस में मोदी और ट्रंप के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। 

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