‘संविधान दिवस’ पर संविधान को लेकर राज्यपाल-ममता में जुबानी जंग

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के संवैधानिक प्रमुख के पद के साथ ‘‘गंभीर समझौता’’ हुआ है। संविधान अंगीकार करने के 70 साल होने के उपलक्ष्य में संविधान दिवस पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जुबानी जंग हुई। हालांकि, राज्य विधानसभा में दोनों के बीच कोई जुबानी जंग नहीं देखने को मिली। राज्यपाल ने कहा कि हालात ‘‘अप्रत्याशित और चुनौतीपूर्ण’’ हैं और जनप्रतिनिधियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए । 

धनखड़ संविधान दिवस पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा, ‘‘राज्य के संवैधानिक प्रमुख के पद से गंभीर समझौता हुआ है। यह अप्रत्याशित और चुनौतीपूर्ण है। मैं जनप्रतिनिधियों से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने का आह्वान करता हूं। ’’ जुलाई में पद संभालने के बाद से धनखड़ का कई मुद्दों पर राज्य सरकार के साथ टकराव हुआ है। जब वह सदन से चले गए तो तृणमूल कांग्रेस के विधायक ‘जय बांग्ला, जय हिंद’ के नारे लगा रहे थे। 

संविधान दिवस पर पश्चिम बंगाल विधानसभा के एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए बनर्जी ने ‘‘महाराष्ट्र में मध्यरात्रि में सरकार का गठन’’ करने को लेकर भाजपा पर संविधान के सिद्धांतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले और देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे ने दिखा दिया है कि संविधान को पलटा नहीं जा सकता है। बनर्जी ने कहा कि जब संख्याबल नहीं था तो देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं लेनी चाहिए थी। 

इससे पहले दिन में उच्चतम न्यायालय ने फडणवीस को विधानसभा में बुधवार को बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वह तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री बने थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘संविधान को खत्म करने के प्रयास हो रहे हैं। हमने रात में आजादी मिलने के बारे में सुना था लेकिन कभी भी रात में सरकार बन जाने के बारे में नहीं सुना था।’’ बनर्जी ने कहा, ‘‘ उच्चतम न्यायालय ने संविधान को बरकरार रखा और संविधान को अंगीकार करने के 70वें साल के मौके पर यह सबसे बड़ा तोहफा दिया।’’ 

वहीं, बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए बनर्जी ने कुछ राज्यपालों की भूमिका पर सवाल उठाया और कहा कि इस पद का ‘‘बेहद गलत इस्तेमाल’’ हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे राज्य में राज्यपाल के पद का गलत इस्तेमाल हो रहा है। किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि राज्यपाल का पद नामित होता है जबकि सरकार निर्वाचित होती है। हम किसी के रहमो-करम पर नहीं हैं।’’ 
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