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हरियाणा सरकार ने बीमारी के जोखिम वाले व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को काम पर नहीं बुलाने का लिया निर्णय

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बीच हरियाणा सरकार ने शनिवार को संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील, गर्भवती और दिव्यांग कर्मचारियों को काम पर नहीं बुलाने का निर्णय लिया है।
हरियाणा सरकार ने बीमारी के जोखिम वाले व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को काम पर नहीं बुलाने का लिया निर्णय
कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बीच हरियाणा सरकार ने शनिवार को संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील, गर्भवती और दिव्यांग कर्मचारियों को काम पर नहीं बुलाने का निर्णय लिया है। आवश्यक सेवा में शामिल होने पर भी इन्हें छूट दी गई है।
सरकार ने इसकी जानकारी दी। सरकारी निर्णय के अनुसार, जरूरत पड़ने पर वह घर से ही काम कर सकते हैं बशर्ते कि उनके पास आवश्यक बुनियादी ढांचा मौजूद हो। सरकारी बयान में कहा गया है कि उपरोक्त कर्मचारियों को यह छूट अगले आदेश तक जारी रहेगी।
बयान में कहा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों को देखते हुये, तनाव, रक्तचाप,दिल अथवा फेफड़े की बीमारी, कैंसर और अन्य ऐसे बीमारियों से पीड़ित कर्मचारी जिनकी उम्र 50 साल या उससे अधिक है और जिन्हें संक्रमण का उच्च जोखिम है, उन्हें किसी ऐसे काम में नहीं लगाया जायेगा जहां जनता के साथ सीधा संपर्क करने की जरूरत पड़ती है।
इसमें कहा गया है, इसी प्रकार सभी नियमित, ठेके पर, आउटसोर्स से, दैनिक अथवा एडहॉक पर काम करने वाली सभी गर्भवर्ती महिलाओं को भी घर से काम करने का सुझाव दिया गया है।
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