बाबूशाही पर शिकंजा… क्या PM मोदी से मुलाकात के बाद नायब का मिला है ‘गुरु मंत्र’?
Haryana News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के तेवरों में क्या कोई बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है? क्योंकि पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री जिस अंदाज में नौकरशाही पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुटे हैं। वह सामान्य प्रशासनिक कवायद से कहीं ज्यादा राजनीतिक संदेश देता दिखाई दे रहा है।
परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी
फाइलें अटकेंगी नहीं। काम टलेगा नहीं। और अफसर सिर्फ प्रक्रिया का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय अब महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी, अधिकारियों की सीधी जवाबदेही और जरूरत पड़ने पर साप्ताहिक ही नहीं, दैनिक समीक्षा तक की तैयारी कर रहा है। सबसे बड़ा संदेश यही है, सरकार का फैसला अगर जमीन पर नहीं उतरता, तो जिम्मेदारी तय होगी।
हरियाणा की राजनीति में लंबे समय से यह सवाल उठता रहा है कि सरकारें फैसले तो लेती हैं, लेकिन बाबूशाही की फाइलों में वे फैसले कितने आगे बढ़ते हैं? अब नायब सैनी उसी धारणा को बदलने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। और यही बात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन रही है।
क्या PM से मिला गुरुमंत्र?
क्या प्रधानमंत्री मोदी से हालिया मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सैनी को शासन का कोई ऐसा ‘गुरु मंत्र’ मिला है, जिसके बाद अब सरकार सिर्फ फैसले लेने वाली नहीं, बल्कि फैसलों का हिसाब लेने वाली सरकार बनने जा रही है? क्योंकि मुख्यमंत्री का संदेश अब साफ दिखाई दे रहा है, काम करो, समय पर करो और परिणाम दो।
सरकार की प्राथमिकताएं अब फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। और अगर यह नया तेवर आने वाले दिनों में इसी तरह जारी रहा, तो यह सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं होगा। यह हरियाणा की नौकरशाही के काम करने के तरीके में राजनीतिक बदलाव का संकेत भी हो सकता है।
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