राज्यमंत्री राजेश नागर का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता
Harayana news : हरियाणा सरकार में राज्यमंत्री राजेश नागर ने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार की जा रही है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के रोजगार देने की दिशा में काम किया है, जबकि कांग्रेस के शासनकाल में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
राजेश नागर ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में ठेकेदारी प्रथा के जरिए अपने लोगों को फिट करने का काम किया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार योग्यता और पारदर्शी प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने कार्यकाल की व्यवस्था पर भी नजर डालनी चाहिए।
मुख्यमंत्री आवास को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री आवास से जुड़े मामले पर राज्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार हर मामले में नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत और नीति दोनों स्पष्ट हैं तथा किसी भी विषय को राजनीतिक रंग देने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।
सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर बोले- राजनीति का विषय नहीं
सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर राज्यमंत्री राजेश नागर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का मुद्दा राजनीति करने का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ खड़ी है और उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच बातचीत के बाद कई मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी विधानसभा में स्पष्ट कर चुके हैं कि सफाई कर्मचारियों की 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं और न्यायालय से जुड़े मामलों में सरकार अदालत के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करेगी।
387 सफाई कर्मचारी लौटे काम पर
इस बीच सफाई कर्मचारियों के आंदोलन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार की अपील के बाद प्रदेशभर में 387 सफाई कर्मचारी वापस ड्यूटी पर लौट आए हैं। सरकार ने काम पर लौटने वाले कर्मचारियों का स्वागत किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लिए ₹2,000 प्रतिमाह रिस्क अलाउंस लागू किया गया है। यह लाभ ड्यूटी पर उपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। सरकार की ओर से कहा गया है कि सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जा रहा है।
राजेश नागर ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा तथा आर्थिक हितों को लेकर गंभीर है। उन्होंने बाकी कर्मचारियों से भी जनहित में काम पर लौटने की अपील की।
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