39 दवाओं की नई रिटेल कीमतें तय, एंटी-रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन हुआ महंगा
Medicine : नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने 39 दवाओं के विभिन्न फॉर्मूलेशन की नई रिटेल कीमतें अधिसूचित कर दी हैं। इसके साथ ही एंटी-रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की रिटेल कीमत में 6.49 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, अब इसकी कीमत 119.48 रुपये प्रति मिलीलीटर होगी, जबकि पहले यह 112.19 रुपये प्रति मिलीलीटर थी।
यह फैसला NPPA की 148वीं बैठक में लिया गया, जिसमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी), हृदय रोग और आंखों के संक्रमण के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कई आवश्यक दवाओं की रिटेल कीमतें तय की गईं। इनका उद्देश्य मरीजों को जरूरी दवाएं निर्धारित और पारदर्शी कीमत पर उपलब्ध कराना है।
अधिसूचना के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में उपयोग होने वाले एम्लोडिपिन, बिसोप्रोलोल और टेल्मिसार्टन के फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन की रिटेल कीमत 14.74 रुपये प्रति टैबलेट निर्धारित की गई है, वहीं हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में इस्तेमाल होने वाले क्लोपिडोग्रेल, एस्पिरिन और एटोरवास्टेटिन युक्त कैप्सूल की कीमत 6.37 रुपये प्रति कैप्सूल तय की गई है। इसके अलावा नेपाफेनाक और मोक्सीफ्लोक्सासिन युक्त आई ड्रॉप्स की रिटेल कीमत 68.64 रुपये प्रति मिलीलीटर निर्धारित की गई है।
निर्धारित MRP से अधिक कीमत लेने पर होगी ब्याज सहित वसूली
एनपीपीए ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी निर्माता या मार्केटिंग कंपनी अधिसूचित रिटेल कीमतों का पालन नहीं करती है तो उसे ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर (डीपीसीओ) के प्रावधानों के तहत अतिरिक्त वसूली गई राशि ब्याज सहित जमा करनी होगी। बता दें कि इसी वर्ष मार्च में एनपीपीए ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में बदलाव के आधार पर राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची (एनएलईएम) में शामिल दवाओं की अधिकतम कीमतों में 0.64 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की अनुमति दी थी।
इस बीच अथॉरिटी ने हैदराबाद की बायोलॉजिकल ई द्वारा विकसित भारत की पहली 14-वैलेंट न्यूमोकोकल पॉलीसैकराइड कॉन्जुगेट वैक्सीन ‘न्यूबेवैक्स-14’ को बड़ी राहत देते हुए इसे पांच वर्ष के लिए प्राइस कंट्रोल से छूट प्रदान की है। एनपीपीए के अनुसार, यह वैक्सीन डीपीसीओ, 2013 के पैराग्राफ 32(i) और 32(ii) के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा करती है।
एमआरपी साझा करने के निर्देश
अथॉरिटी ने कंपनी को वैक्सीन के व्यावसायिक उत्पादन, बाजार में उपलब्धता, खुदरा मूल्य और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) की जानकारी साझा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि छूट की अवधि समाप्त होने से तीन महीने पहले कंपनी को रिटेल कीमत की मंजूरी लेनी होगी या फिर अधिसूचित सीलिंग प्राइस का पालन करना होगा।
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