W3Schools
For the best experience, open
https://m.punjabkesari.com
on your mobile browser.
Advertisement

म्यांमार दौरे पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, यांगून में आईएनएस संध्याक पर ‘डेक रिसेप्शन’ में हुए शामिल

10:04 PM Apr 08, 2026 IST | IANS
म्यांमार दौरे पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह  यांगून में आईएनएस संध्याक पर ‘डेक रिसेप्शन’ में हुए शामिल
Advertisement

यांगून, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बुधवार को म्यांमार के यांगून में भारतीय नौसेना के सर्वेक्षण पोत आईएनएस संध्याक पर आयोजित ‘डेक रिसेप्शन’ में हिस्सा लिया। वह म्यांमार के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं।

Advertisement

सिंह 10 अप्रैल को राजधानी नेपीदॉ में होने वाले मिन आंग ह्लाइंग के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे।

Advertisement

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत में भारत और म्यांमार के बीच गहरे संबंधों की झलक देखने को मिली। उन्होंने कहा कि आईएनएस संध्याक की यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महासागर’ विजन के अनुरूप है।

यांगून पहुंचने पर सिंह का स्वागत म्यांमार में भारत के राजदूत अभय ठाकुर और म्यांमार के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक यू जॉ फ्यो विन ने किया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, सिंह 8 से 11 अप्रैल तक चार दिवसीय दौरे पर म्यांमार में हैं। इस दौरान वह म्यांमार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे, व्यापार, आर्थिक और विकास सहयोग से जुड़े द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे और भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।

म्यांमार दूतावास ने भी एक्स पर जानकारी दी कि सिंह अपने दौरे के दौरान सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकात के अलावा भारत के मित्रों और प्रवासी भारतीयों से भी संवाद करेंगे।

गौरतलब है कि मिन आंग ह्लाइंग को 3 अप्रैल को देश का राष्ट्रपति चुना गया था। उन्होंने तीन उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा वोट हासिल किए।

उनके दो उपराष्ट्रपति नियो सॉ और नैन नी नी ए हैं, जो सैन्य समर्थित यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (यूएसडीपी) से जुड़े हैं।

राष्ट्रपति चुने जाने से पहले मिन आंग हलाइंग ने सेना प्रमुख का पद छोड़ दिया था और जनरल ये विन ऊ को यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

मिन आंग हलाइंग 2021 से म्यांमार की सत्ता संभाल रहे हैं। देश में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में हुए चुनावों में यूएसडीपी को जीत मिली थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले पांच वर्षों से जारी राजनीतिक गतिरोध के बाद म्यांमार में नई सरकार के गठन से घरेलू और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिल सकता है।

--आईएएनएस

डीएससी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

Advertisement
Author Image

Advertisement
Advertisement
×