ऑपरेशन सिंदूर के संघर्ष में भारत को मिली हवाई बढ़त, पाकिस्तान के दावे झूठे : वॉरफेयर एक्सपर्ट
वॉशिंगटन, 6 मई (आईएएनएस)। भारत का 'ऑपरेशन सिंदूर', जो पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस दर्दनाक आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। उसके बाद एक ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें पाकिस्तान वायुसेना लगातार कमजोर पड़ती गई।
एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में पाकिस्तान के प्रमुख हवाई क्षेत्रों पर भारत ने हवाई बढ़त हासिल की और पाकिस्तान के अंदर गहराई तक सटीक हमले किए।
अमेरिका के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘सबस्टैक’ पर लिखते हुए यूएस स्थित अर्बन वॉरफेयर इंस्टीट्यूट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जॉन स्पेंसर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के 7 मई 2025 को शुरू होने के एक साल बाद भी कुछ दावे अब तक किए जा रहे हैं। इनमें कहा जाता है कि शुरुआती समय में भारतीय विमान गिराए गए थे और पाकिस्तान ने बड़ी सफलता हासिल की थी।
उन्होंने बताया कि भारत और पाकिस्तान के टकराव में अक्सर ऐसा देखा गया है कि पाकिस्तान जल्द ही गलत या बढ़ा-चढ़ाकर दावे करके अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अपनी कहानी बना लेता है।
स्पेंसर के अनुसार, 7 मई से 10 मई 2025 तक चले 88 घंटे के हवाई अभियान की शुरुआत में जो रिपोर्टें आईं, उनमें भारतीय विमानों के नुकसान पर ज्यादा जोर दिया गया था और कई पश्चिमी मीडिया रिपोर्टों में यह दिखाया गया कि पाकिस्तान वायुसेना ने बड़ी सफलता हासिल की, लेकिन बाद में यह कहानी सही साबित नहीं हुई।
उन्होंने स्विट्जरलैंड के सेंटर डी'हिस्टॉयर एट डी प्रॉस्पेक्टिव मिलिटेयर्स की ओर से 15 जनवरी को जारी एक रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में संघर्ष को शुरुआती दावों के बजाय ऑपरेशनल डेटा के आधार पर समझाया गया है।
इस अध्ययन को सैन्य इतिहासकार एड्रियन फोंटानेलज ने लिखा है और इसे सेवानिवृत्त स्विस एयरफोर्स मेजर जनरल क्लॉड मायर के नेतृत्व वाले पैनल ने समीक्षा की है।
रिपोर्ट में बताया गया कि चार दिनों की लड़ाई के दौरान घटनाएं शुरुआती रिपोर्टों से काफी अलग तरीके से आगे बढ़ीं। इसमें कहा गया कि शुरुआती विमान नुकसान की खबरें सिर्फ एक हिस्सा थीं, जबकि असल में पूरा अभियान उससे कहीं बड़ा था।
इसके अनुसार, अंत में पाकिस्तान वायुसेना कमजोर पड़ गई, भारत ने पाकिस्तान के बड़े हिस्से में हवाई बढ़त हासिल कर ली और पाकिस्तान के अंदर गहराई तक सटीक हमले किए गए।
स्पेंसर ने यह भी कहा कि 22 अप्रैल के आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने तुरंत जवाब दिया, लेकिन जल्द ही भारतीय वायुसेना ने अहम क्षेत्रों में नियंत्रण हासिल कर लिया और शुरुआती रात के बाद पाकिस्तान की स्थिति लगातार कमजोर होती गई।
उनके अनुसार, यह नतीजा किसी एक हमले का नहीं था, बल्कि कई दिनों तक चले एक सुनियोजित अभियान का परिणाम था, जिसमें दुश्मन की हवाई रक्षा प्रणाली को धीरे-धीरे कमजोर किया गया। इससे पाकिस्तान की निगरानी, समन्वय और जवाब देने की क्षमता प्रभावित हुई।
विशेषज्ञ के अनुसार, यह विश्लेषण भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक तरह की पुष्टि देता है, जिसे भारत सरकार आमतौर पर खुलकर नहीं कहती। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के उद्देश्य पूरे ही नहीं, बल्कि संभवतः उम्मीद से ज्यादा सफल रहे।
स्पेंसर ने अंत में कहा कि यह बहस अभी भी जारी है कि क्या भारत को 88 घंटे के बाद अभियान आगे बढ़ाना चाहिए था या नहीं, लेकिन यह साफ है कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम इसलिए स्वीकार किया, क्योंकि वह आगे लड़ाई जारी रखने की स्थिति में नहीं था।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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