इस बड़ी वजह से हिन्दू धर्म में लड़के और लड़की के एक ही गोत्र में नहीं होती है शादी

गोत्र का हिंदू शास्त्रों में बहुत महत्व माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि गोत्र के बारे में पूजा-पाठ और विवाह के दौरान जानकारी होना बहुत जरूरी है। हिंदू रिति-रिवाजों के मुताबिक बिना गोत्र जानें किसी से भी शादी नहीं होती है। अगर लड़का और लड़की का गोत्र एक होता है तो उनकी शादी नहीं होती है। आज हम हिंदू धर्म में गोत्र का महत्व बताते हैं और इसके पीछे मुख्य वजहों के बारे में भी बताएंगे। 


1. हिंदू धर्म में लड़का और लड़की का एक ही गोत्र होता है तो उनकी शादी नहीं हो सकती है क्योंकि हिंदू धर्म के अनुसार वह भाई-बहन बन जाते हैं। यही वजह है कि वो दोनों पति-पत्नी नहीं बन सकते हैं। 


2. एक ही गोत्र में शादी ना करने के पीछे की वजह बताई गई है। दरअसल ऐसा कहा जाता है अगर एक गोत्र में दो लोग शादी कर लेते हैं और जब उनके बच्चे होते हैं तो उनके अंदर कुछ विकृतियां आ जाती हैं। इसी वजह से एक गोत्र में शादी ना करने के लिए कहा जाता है। 


3. लड़का-लड़की की शादी अगर हिंदू धर्म के अनुसार होती है तो तीन गोत्र को छोड़कर उनकी शादी एक दूसरे से होती है। लड़का-लड़की का गोत्र माता-पिता और दादी के गोत्र को छोड़कर दूसरे गोत्र से शादी होती है। दूसरे गोत्र में लड़का और लड़की की शादी होती और इन तीनों गोत्र में शादी नहीं की जाती है। 


4. ऐसा भी कहा जाता है कि अगर रिश्तेदारी में शादी होती है तो आगे उनके बच्चों के अंदर जो जीन्स होते हैं उनमें कई तरह की कमियां हो जाती हैं। इसी वजह से बच्चों को सही तरीके से विकास नहीं हो पाता है। 
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