Aaj Ka Panchang 04 October 2026: आज नवमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र और शिव योग, जानें राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और शुभ समय
Aaj Ka Panchang 04 October 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार 04 अक्टूबर 2026, रविवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। आज पुनर्वसु नक्षत्र और परिघ योग का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद शिव योग शुरू होगा। धार्मिक कार्यों और शुभ कार्यों के लिए दिन में अभिजीत मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त जैसे शुभ समय उपलब्ध रहेंगे। वहीं राहुकाल, यम गण्ड, कुलिक और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ काल में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है।
आइए जानते हैं 04 अक्टूबर 2026 का पूरा पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय-चंद्रास्त और शुभ-अशुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी शामिल है।
04 अक्टूबर 2026 का संवत और मास
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
शक संवत: 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास: आश्विन
अमांत मास: भाद्रपद
वार: रविवार
आज की तिथि
04 अक्टूबर को सुबह 05:52 बजे तक कृष्ण पक्ष नवमी थी, जिसके बाद नवमी तिथि का क्रम आगे बढ़ेगा। दिए गए पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष नवमी 04 अक्टूबर सुबह 05:52 बजे से 05 अक्टूबर सुबह 03:54 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष दशमी प्रारंभ होगी।
कृष्ण पक्ष नवमी: 04 अक्टूबर, सुबह 05:52 बजे से 05 अक्टूबर, सुबह 03:54 बजे तक
कृष्ण पक्ष दशमी: 05 अक्टूबर, सुबह 3:54 बजे से 06 अक्टूबर, रात 02:07 बजे तक
कृष्ण पक्ष की तिथियों में धार्मिक साधना, आत्मचिंतन और पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना जाता है।
आज का नक्षत्र
04 अक्टूबर को पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। पंचांग के अनुसार पुनर्वसु नक्षत्र 04 अक्टूबर की रात 01:29 बजे से 05 अक्टूबर की रात 12:13 बजे तक रहेगा। इसके बाद पुष्य नक्षत्र प्रारंभ होगा।
पुनर्वसु: 04 अक्टूबर, रात 1:29 बजे से 5 अक्टूबर, रात 12:13 बजे तक
पुष्य: 05 अक्टूबर, रात 12:13 बजे से 5 अक्टूबर, रात 11:09 बजे तक
पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान सकारात्मक सोच, धार्मिक गतिविधियों और नई शुरुआत से जुड़े कार्यों को महत्व दिया जाता है।
आज का योग
04 अक्टूबर को दिन की शुरुआत परिघ योग से होगी। यह योग 03 अक्टूबर की दोपहर 03:21 बजे से 04 अक्टूबर दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। इसके बाद शिव योग प्रारंभ होगा, जो 05 अक्टूबर सुबह 09:51 बजे तक रहेगा।
परिघ योग: 03 अक्टूबर, दोपहर 03:21 बजे से 04 अक्टूबर, दोपहर 12:31 बजे तक
शिव योग: 04 अक्टूबर, दोपहर 12:31 बजे से 05 अक्टूबर, सुबह 09:51 बजे तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
04 अक्टूबर को सूर्यदेव सुबह 06:23 बजे उदित होंगे और शाम 06:07 बजे सूर्यास्त होगा।
सूर्योदय: सुबह 06:23 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:07 बजे
चन्द्रोदय: 05 अक्टूबर, रात 12:53 बजे
चन्द्रास्त: 04 अक्टूबर, दोपहर 01:55 बजे
दिन के शुभ कार्यों की योजना बनाते समय स्थानीय समय के अनुसार इन समयों का ध्यान रखना उपयोगी माना जाता है।
04 अक्टूबर का राहुकाल
रविवार के दिन दिए गए पंचांग के अनुसार राहुकाल शाम 04:39 बजे से 06:07 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा आज:
यम गण्ड: दोपहर 12:15 बजे से 01:43 बजे तक
कुलिक: दोपहर 03:11 बजे से 04:39 बजे तक
दुर्मुहूर्त: शाम 04:33 बजे से 05:20 बजे तक
वर्ज्यम्: दोपहर 12:51 बजे से 2:22 बजे तक
इन अवधियों को पंचांग परंपरा में अशुभ समय माना जाता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त
04 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक रहेगा। सामान्यतः अभिजीत मुहूर्त को शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण समय माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल
आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से ब्रह्म मुहूर्त को विशेष महत्व दिया जाता है। 04 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:47 बजे से 05:35 बजे तक रहेगा।
वहीं अमृत काल रात 09:56 बजे से 11:27 बजे तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:47 बजे से 05:35 बजे तक
अमृत काल: रात 09:56 बजे से 11:27 बजे तक
04 अक्टूबर की रात से बनेंगे शुभ योग
दिए गए पंचांग के अनुसार 05 अक्टूबर की शुरुआत में दो महत्वपूर्ण शुभ योग बनेंगे। रवि पुष्य योग 05 अक्टूबर रात 12:13 बजे से सुबह 06:23 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग भी 05 अक्टूबर रात 12:13 बजे से रात 11:09 बजे तक रहेगा।
रवि पुष्य योग: 05 अक्टूबर, रात 12:13 बजे से सुबह 6:23 बजे तक
सर्वार्थसिद्धि योग: 05 अक्टूबर, रात 12:13 बजे से रात 11:09 बजे तक
इन योगों को पंचांग परंपरा में शुभ और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए विशेष माना जाता है।
आज का धार्मिक महत्व
04 अक्टूबर को कृष्ण पक्ष नवमी होने के कारण धार्मिक दृष्टि से दिन का महत्व बढ़ जाता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा और आस्था के अनुसार पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य कर सकते हैं। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देकर दिन की शुरुआत की जा सकती है।
शाम के समय भी दीप प्रज्वलित कर ईश्वर का ध्यान करना और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
Note: ऊपर दिए गए पंचांग के समय आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार हैं। पंचांग के समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग से भी पुष्टि करना उचित है।

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