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Aaj Ka Panchang 05 August 2026: श्रावण कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि आज, अश्विनी नक्षत्र और शूल योग का संयोग, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त

05:11 AM Aug 05, 2026 IST | Shera Rajput
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Aaj Ka Panchang 05 August 2026

Aaj Ka Panchang 05 August 2026: 05 अगस्त 2026, बुधवार का दिन श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि का है। आज अश्विनी नक्षत्र और शूल योग का विशेष संयोग बन रहा है। वहीं चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेंगे, जिसके स्वामी मंगलदेव हैं। धार्मिक दृष्टि से श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यदि आप आज पूजा-पाठ, व्रत, दान या किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पहले दिन का पंचांग, राहुकाल और अन्य शुभ-अशुभ मुहूर्त अवश्य जान लें।

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आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 05 August 2026

विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
शक संवत: 1948, पराभव
मास: श्रावण
पक्ष: कृष्ण पक्ष
वार: बुधवार

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तिथि

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कृष्ण पक्ष सप्तमी – रात्रि 08:38 बजे तक
इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी।

नक्षत्र

अश्विनी नक्षत्र – रात्रि 09:13 बजे तक
इसके बाद भरणी नक्षत्र का आरंभ होगा।

योग

शूल योग – शाम 05:22 बजे तक
इसके बाद अगला योग प्रारंभ होगा।

करण

विष्टि करण – सुबह 09:24 बजे तक
बव करण – रात्रि 08:38 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय: सुबह 05:48 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:04 बजे
चंद्रोदय: रात 10:58 बजे
चंद्रास्त: सुबह 11:55 बजे

आज का शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: आज उपलब्ध नहीं है।

आज का अशुभ काल

राहुकाल: दोपहर 12:26 बजे से 02:06 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:46 बजे से 12:26 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 07:27 बजे से 09:07 बजे तक

आज का धार्मिक महत्व

Aaj Ka Panchang 05 August 2026: श्रावण माह भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जप और बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव पूजा से सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

आज चंद्रमा का मेष राशि में गोचर साहस, आत्मविश्वास और ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है। हालांकि किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करते समय राहुकाल और अन्य अशुभ समय से बचना बेहतर माना गया है। यदि संभव हो तो ब्रह्म मुहूर्त या अन्य शुभ समय में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य करें, जिससे शुभ फल की प्राप्ति हो सके।

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Shera Rajput

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