Kalsarp Yog June 2026: 9 जून से लगने जा रहा है खतरनाक 'पूर्ण कालसर्प योग'; अगले 14 दिन इन 3 राशियों के लिए भारी, देखें कहीं आपकी राशि तो नहीं?
04:20 PM Jun 08, 2026 IST | Khushi Srivastava
Kalsarp Yog June 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कालसर्प दोष बेहद ही खतरनाक और नकारात्मक योग माना गया है। इस साल 9 जून से लेकर 23 जून तक पूर्ण कालसर्प योग बन रहा है। इस दौरान चंद्रमा राहु और केतु के बीच आ जाएंगे। इन 14 दिनों में राहु-केतु के इस असर के कारण कुछ राशियों के लोगों को मानसिक तनाव, पैसों का नुकसान और नौकरी-बिजनेस में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं Kalsarp Yog Negative Effects से किन राशियों को इस दौरान सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होगी।
Kalsarp Yog June 2026: इन 5 राशियों को रहना होगा सावधान
1. वृषभ राशि (Taurus)

यह समय वृषभ राशि के लिए अच्छा नहीं होगा। सुख-सुविधाओं और करियर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। जमीन, मकान या गाड़ी से जुड़े कामों में विवाद होने का डर है। घर का सुख-चैन कुछ समय के लिए बिगड़ सकता है। पुश्तैनी संपत्ति या घर के किसी भी बड़े मामले को शांति से ही निपटाएं।
2. सिंह राशि (Leo)

आपकी राशि में केतु और ठीक सामने राहु बैठा है, जो आपको सीधा प्रभावित करेगा। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ गंभीर बहस हो सकती है। इस समय आपकी सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ेगा, जिससे बनते हुए काम भी बिगड़ सकते हैं। इस दौरान कोई भी नया बिजनेस शुरू करने या किसी के साथ नया पार्टनरशिप करने से बचें।
3. वृश्चिक राशि (Scorpio)

राहु-केतु का असर आपके काम और घर, दोनों जगह देखने को मिलेगा। कार्यक्षेत्र पर आपके खिलाफ कोई साजिश या राजनीति हो सकती है। आपका मन नौकरी बदलने का करेगा, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला आपको नुकसान पहुंचा सकता है। घर में भी अशांति रह सकती है। ऑफिस में सहकर्मियों से बहस न करें और सिर्फ अपने काम पर ध्यान दें।
4. कुंभ राशि (Aquarius)

राहु आपकी ही राशि में है, इसलिए इस कालसर्प योग का सबसे सीधा असर आपके बर्ताव पर पड़ेगा। बिना सोचे-समझे अचानक बड़े खर्चे सामने आ सकते हैं। सेहत खराब हो सकती है, खासकर सिरदर्द या पेटदर्द। चोट लगने की आशंका है। गाड़ी चलाते समय बहुत सावधानी रखें और इस समय कहीं भी बड़ा पैसा इन्वेस्ट न करें।
कालसर्प दोष के बुरे असर से बचने के आसान उपाय

- राहु-केतु के मंत्र: शाम के समय राहु के मंत्र "ऊं रां राहवे नमः" या केतु के मंत्र का जाप करें।
- भगवान शिव की पूजा: इन 14 दिनों में रोज शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
- दान-पुण्य करें: शनिवार या बुधवार के दिन काली तिल, सात अनाज या कंबल का दान करें। इससे राहु-केतु का बुरा असर कम होता है।
इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
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