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राजधानी में ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे अस्पतालों ने ली राहत की सांस, आपूर्ति की स्थिति अब बेहतर

ऑक्सीजन की किल्लत से जूझने के बाद दिल्ली में अस्पतालों ने मंगलवार को कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिहाज से अब पहले के मुकाबले हालात बेहतर हैं और उन्होंने मरीजों को फिर से भर्ती करना शुरू कर दिया है।
राजधानी में ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे अस्पतालों ने ली राहत की सांस, आपूर्ति की स्थिति अब बेहतर
कुछ दिनों तक ऑक्सीजन की किल्लत से जूझने के बाद दिल्ली में अस्पतालों ने मंगलवार को कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिहाज से अब पहले के मुकाबले हालात बेहतर हैं और उन्होंने मरीजों को फिर से भर्ती करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच शहर में और उसके आसपास के इलाकों में चिकित्सा केंद्रों ने ऑक्सीजन की कमी के बाद सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई। जयपुर गोल्डन अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. डी के बलूजा ने कहा कि अस्पताल में दिनभर के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज के लिए हमारी स्थिति ठीक है। रोज 3.6 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत होती है और हमारे पास करीब छह टन ऑक्सीजन उपलब्ध है जिससे पूरे दिन काम चलेगा। यह थोड़ी आरामदायक स्थिति है।’’ अस्पताल ने ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए दिल्ली सरकार और भारतीय रेलवे का भी आभार जताया। अस्पताल ने ट्वीट किया, ‘‘हम रातभर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए जेएसपीएल कोरपोरेट और भारतीय रेलवे का आभार जताते हैं। हम पिछली रात ऑक्सीजन की आपात आपूर्ति के लिए दिल्ली सरकार का भी आभार जताते हैं। एक साथ मिलकर हम इस संकट से उबर जाएंगे।’’
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते जीवनदायिनी गैस की कमी के कारण जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 मरीजों की मौत हो गई थी। बत्रा हॉस्पिटल के कार्यकारी निदेशक सुधांशु बनकाता ने कहा कि उन्होंने मरीजों को फिर से भर्ती करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘शुक्र है कि अभी ऑक्सीजन की आपूर्ति से संबंधित कोई संकट नहीं है। हमारे पास छह से सात घंटे तक का ऑक्सीजन का भंडार है। अस्पताल को रोज आठ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है और अभी यहां 270 मरीज भर्ती हैं।’’
एक अधिकारी ने बताया कि सर गंगाराम अस्पताल को मंगलवार सुबह दो टन तरलीकृत मेडिकल ऑक्सीजन मिली।अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण पिछले हफ्ते 25 मरीजों की मौत हो गई थी। फोर्टिस हेल्थकेयर में अधिकारियों ने बताया कि हालात अब स्थिर हैं और मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। एक निजी अस्पताल के अधिकारी ने हालांकि कहा कि संकट अब भी बना हुआ है। 
एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि कई दिनों की अनिश्चिततता के बाद स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों को अब पता है कि ऑक्सीजन भरवाने के लिए किससे संपर्क करना है और कहां से मदद मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के लिए करीब 70 टन जीवनदायिनी ऑक्सीजन के साथ पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गयी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार यह ऑक्सीजन विभिन्न अस्पतालों को वितरित करेगी।

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