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HRD मंत्री पोखरियाल ने कहा- नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार, संसद की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा

HRD मंत्री पोखरियाल ने कहा- नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार, संसद की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को कहा कि नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार हो गया है जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी और भारत केंद्रित अवधारणा पर आधारित है और संसद की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। 'चुनौतियों को अवसर के रूप में बदलना' -विषय पर आनलाइन माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों से संवाद के दौरान निशंक ने कहा कि स्थिति के सामान्य रहने को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालयों की परीक्षाएं जुलाई में आयोजित की जायेगी। इसमें छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जायेगी।

उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में स्थिति उस समय तक सामान्य नहीं होगी, तब पहले सेमेस्टर या पहले वर्ष के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पदोन्नति दी जायेगी। जबकि दूसरे और तीसरे सेमेस्टर या वर्ष के छात्रों का मूल्यांकन का आधार इस प्रकार तय किया जायेगा जिसमें 50 प्रतिशत अंक पूर्व के समेस्टर में प्राप्त अंकों के आधार पर तथा 50 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन के अंकों के आधार पर होगा। 

मंत्री ने बताया कि अंतिम परीक्षा (वर्ष) होगी और यह परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित होगी और इसका मकसद एक नए भारत का निर्माण होगा- स्वस्‍थ, स्वच्छ, सशक्त और श्रेष्ठ भारत। इसमें छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों, जन प्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों, ग्राम पंचायतों सहित समाज के विभिन्न वर्गो से परामर्श किया गया है।

निशंक ने कहा कि नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार हो गया है और संसद की मंजूरी के बाद इस नीति को लागू किया जाएगा। मंत्री ने कोविड-19 संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली में अब ऑनलाइन पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, इसलिए हमने दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास किए हैं। हम दूरस्थ शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने को प्रयासरत है क्योंकि आनलाइन शिक्षा का मूल्यांकन अब अलग तरीके से होगा। उन्होंने इस संदर्भ में ई विद्या कार्यक्रम और एक राष्ट्र, एक चैनल का भी उल्लेख किया। 

मंत्री ने कहा के जेईई मेन परीक्षा की तैयारी के लिये छात्रों की सहायता के लिये राष्ट्रीय परीक्षा अभ्यास एप तैयार किया गया है और अब तक 4.70 लाख छात्रों ने इसे डाउनलोड किया है तथा और 4.60 लाख छात्रों ने मॉक टेस्ट दिया है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में रिक्तियों को भरने का काम चल रहा है।

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