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लापरवाही के मामले में उदयपुर के 20 पुलिस अफसरों को थमाए गए नोटिस, विभाग में मचा हड़कंप

राजस्थान के उदयपुर में तीन माह पूर्व हुए टेलर कन्हैयालाल तेली हत्याकांड के मामले में लापरवाही को ध्यान में रखते हुए उदयपुर में उस समय तैनात 20 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों 16 सीसी व 17 सीसी को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद से पुलिस
लापरवाही के मामले में उदयपुर के 20 पुलिस अफसरों को थमाए गए नोटिस, विभाग में मचा हड़कंप
राजस्थान के उदयपुर में तीन माह पूर्व हुए टेलर कन्हैयालाल तेली हत्याकांड के मामले में लापरवाही को ध्यान में रखते हुए उदयपुर में उस समय तैनात 20 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों 16 सीसी व 17 सीसी को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जिन लोगों को 16 सीसी का नोटिस दिया गया है, उन्हें जांच पूरी होने तक न तो पदोन्नति मिलेगी और न ही फील्ड पोस्टिंग।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इन नोटिसों के माध्यम से घटनाक्रम में हुई चूक के लिए संबंधित थानों के प्रभारी व पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई है। पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार कन्हैयालाल हत्याकांड के समय धनमंडी, सूरजपोल, भूपालपुरा और सुखेर थानों के तत्कालीन अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों को नोटिस दिया गया है। 
विभागीय सूत्रों के अनुसार मुख्य थाना धनमंडी है, जिसमें कन्हैयालाल की हत्या की गई थी। पहले इस इलाके में उसे धमकाया गया और बाद में थाने में समझौता हो गया। दूसरा थाना भूपालपुरा है, जिसके प्रकाश में संग्रह भी आता है। नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर कथित विवादास्पद टिप्पणी के खिलाफ 20 जून को यहां आंदोलन हुआ था, जहां आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे। पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वहीं तीसरा थाना सूरजपोल है, जिसके इलाके में मुख्य आरोपी रियाज मोहम्मद अटारी और गौस मोहम्मद रहते हैं, उसी इलाके में साजिश रची गई थी। चौथा थाना सुखेर है, जिसकी फैक्ट्री में रोशनी में स्थित आरोपी ने हत्या के बाद का वीडियो बनाकर जारी कर दिया था। इन सभी मामलों में पुलिस अधिकारी की बीट प्रभारी के प्रति लापरवाही मानी गई है। 
बता दें कि 28 जून को उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल तेली की कट्टरपंथियों रियाज मोहम्मद अटारी और गौस मोहम्मद ने चाकू से सिर काट कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वीडियो बनाकर धमकी भी दी गई। चार घंटे बाद राजस्थान पुलिस ने आरोपी को अजमेर जाते समय भीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया। बाद में मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई।
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