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भारत सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं का एकीकरण करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है : रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं का एकीकरण करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और साजो-सामान के लिए साझा मंजूरी व्यवस्था कायम करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि एक सेवा के संसाधनों को अन्य सेवा के लिए निर्बाध रूप से उपलब्ध कराया जा सके।
भारत सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं का एकीकरण करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है : रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं का एकीकरण करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और साजो-सामान के लिए साझा मंजूरी व्यवस्था कायम करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि एक सेवा के संसाधनों को अन्य सेवा के लिए निर्बाध रूप से उपलब्ध कराया जा सके।
भारत 'अमृत काल' की दहलीज पर खड़ा है 
केंद्रीय मंत्री ने यहां सैन्य साजो सामान के बारे में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए यह बात कही। सेमिनार के उद्घाटन समारोह में थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार तथा नीति आयोग के सदस्य वी. के. सारस्वत समेत अन्य लोग शामिल हुए।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में, नागरिक और सैन्य हितधारकों के बीच आवश्यक तालमेल पर भी जोर दिया और कहा कि भारत 'अमृत काल' की दहलीज पर खड़ा है ऐसे में दोनों पक्षों के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “प्रतिबद्धता” दर्शाती है।
एकीकरण से सबसे अधिक फायदा साजो-सामान को लेकर होगा
सिंह ने कहा, “हम तीनों सेवाओं के एकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। साजो-सामान के लिए साझा मंजूरी व्यवस्था कायम करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि एक सेवा के संसाधनों को अन्य सेवाओं के लिए निर्बाध रूप से उपलब्ध कराया जा सके।” रक्षा मंत्री ने दिल्ली कैंट में मानेकशॉ सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि तीनों सेवाओं के एकीकरण से सबसे अधिक फायदा साजो-सामान को लेकर होगा।
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