W3Schools
For the best experience, open
https://m.punjabkesari.com
on your mobile browser.
Advertisement

PM मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी, बालोतरा से बदलेगी भारत की ऊर्जा तस्वीर

05:33 PM Jul 03, 2026 IST | Avinay
pm मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी  बालोतरा से बदलेगी भारत की ऊर्जा तस्वीर
Balotra : PM मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी, बालोतरा से बदलेगी भारत की ऊर्जा तस्वीर

प्रगनेश सिंह

Advertisement

Balotra : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) द्वारा विकसित यह परियोजना करीब 79,450 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई है।

Advertisement

9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष (MMTPA) क्षमता वाली यह रिफाइनरी देश की ऊर्जा सुरक्षा, पेट्रोकेमिकल उत्पादन और औद्योगिक विकास के लिहाज से एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

Advertisement

करीब एक दशक बाद देश में बनी यह पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी है, जिसे रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के रूप में एकीकृत ढंग से विकसित किया गया है। इसकी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 एमएमटीपीए है। इस परियोजना के साथ राजस्थान न केवल देश के ऊर्जा मानचित्र पर मजबूत स्थान बनाएगा, बल्कि पश्चिमी भारत में पेट्रोकेमिकल उद्योग का नया केंद्र भी बनेगा।

घरेलू उद्योगों को कच्चा माल होगा उपलब्ध

बताया जा रहा है कि यह परियोजना भारत की आयातित पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर निर्भरता कम करेगी। यहां पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीएथिलीन, बेंजीन, टोल्यून, ब्यूटाडाइन जैसे उत्पाद तैयार होंगे, जिनका उपयोग प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, दवा, वस्त्र और अनेक विनिर्माण उद्योगों में होता है। इससे घरेलू उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध होगा और आयात पर होने वाला विदेशी मुद्रा खर्च भी घटेगा।

सौर ऊर्जा परियोजनाएं भी की जा रहीं विकसित

रिफाइनरी पूरी तरह बीएस-6 मानक का पेट्रोल और डीजल तैयार करेगी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता 17.0 का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स है, जो दुनिया की अत्याधुनिक रिफाइनरियों में इसे शामिल करता है। यह घरेलू राजस्थान के कच्चे तेल के साथ-साथ आयातित कच्चे तेल का भी प्रसंस्करण कर सकेगी, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति अधिक लचीली और सुरक्षित बनेगी।

परियोजना के साथ 800 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क, आधुनिक क्रूड ऑयल टर्मिनल, जल भंडारण व्यवस्था और विशाल आधारभूत ढांचा विकसित किया गया है। निर्माण के दौरान 406 मिलियन से अधिक सुरक्षित मानव-घंटों का रिकॉर्ड भी बनाया गया।

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रिफाइनरी को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली के साथ तैयार किया गया है। परिसर में सवा लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं तथा सौर ऊर्जा परियोजनाएं भी विकसित की जा रही हैं। कंपनी ने अस्पताल, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सड़क, जल संरक्षण, प्रवासी पक्षियों के लिए वेटलैंड, चिकित्सा शिविर और अन्य सामाजिक विकास कार्यों पर 107 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।

यह भी पढ़ें : दिल्ली को मिली नई 6-लेन टनल की सौगात, द्वारका-वसंत कुंज का सफर होगा तेज, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

Advertisement
Author Image

Advertisement
Advertisement
×