छत्तीसगढ़ डीएमएफ घोटाले में ईडी ने मुख्य संपर्ककर्ता को गिरफ्तार किया
रायपुर, 2 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने छत्तीसगढ़ में जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) घोटाले के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया है।
छाबड़ा को मंगलवार को गिरफ्तार कर रायपुर स्थित पीएमएलए विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जिसने ईडी को पांच दिन की हिरासत में भेज दिया।
ईडी के अनुसार, यह जांच रायपुर स्थित एसीबी/ईओडब्ल्यू और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा डीएमएफ निधि के दुरुपयोग के संबंध में दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर की जा रही है।
खनन गतिविधियों से प्रभावित समुदायों के लाभ के लिए प्रत्येक जिले में स्थापित इन ट्रस्टों का कथित तौर पर लोक सेवकों, संपर्ककर्ताओं और विक्रेताओं के एक गिरोह द्वारा दुरुपयोग किया गया।
वित्त वर्ष 2019-20 और 2023-24 के बीच जिलों को डीएमएफ के तहत लगभग 9,188.20 करोड़ रुपए प्राप्त हुए।
हालांकि, ईडी के एक बयान में कहा गया है कि आपूर्ति-उन्मुख कार्यों को प्राथमिकता देकर इन निधियों का एक हिस्सा गबन किया गया, जिससे मनमानी कीमतें तय की गईं और कमीशन अर्जित किया गया। निधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम (बीज निगम) के माध्यम से भेजा गया। यहां, एजेंटों और मध्यस्थों ने कथित तौर पर दर अनुबंध धारक संस्थाओं को जारी किए गए खरीद आदेशों के आधार मूल्य का 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक कमीशन वसूला।
बयान में कहा गया है कि ये कमीशन फिर सरकारी कर्मचारियों और प्रभावशाली व्यक्तियों में कार्य आदेश प्राप्त करने और भुगतान जारी करवाने के लिए वितरित किए गए।
छाबड़ा पर मध्यस्थ और वित्तीय समन्वयक के रूप में केंद्रीय भूमिका निभाने का आरोप है। उन्होंने लाभकारी आपूर्ति-आधारित डीएमएफटी कार्यों की पहचान की, उन्हें चयनित विक्रेताओं के बीच आवंटित किया, कार्य आदेश जारी करवाने में सुविधा प्रदान की, भुगतान जारी करवाना सुनिश्चित किया और सिंडिकेट के भीतर वितरण के लिए कमीशन एकत्र किया।
ईडी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पीएमएलए की धारा 17(1) के तहत सितंबर 2025 में की गई तलाशी में घोटाले से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। पीएमएलए की धारा 17 और 50 के तहत दर्ज बैंकिंग लेनदेन और विवरणों के आगे के विश्लेषण से पता चला कि छाबड़ा ने लगभग 31 करोड़ रुपए की अवैध कमीशन प्राप्त की थी। अपराध की आय के रूप में वर्गीकृत ये धनराशि उनके परिवार के सदस्यों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और उनके नियंत्रण वाली संस्थाओं के खातों में पाई गई। परिणामस्वरूप, उन्हें पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।
ईडी ने कहा कि डीएमएफ घोटाले की आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
एमएस/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

Join Channel