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आईआईटी दिल्ली पहुंचे जापान के सांसद, रोबोटिक्स से एआई तक देखी भारत की तकनीकी ताकत

06:02 PM Sep 07, 2026 IST | IANS Agency
आईआईटी दिल्ली पहुंचे जापान के सांसद  रोबोटिक्स से एआई तक देखी भारत की तकनीकी ताकत
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नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और जापान की दोस्ती अब सिर्फ कूटनीति और व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच विज्ञान, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में भी रिश्ते लगातार गहरे हो रहे हैं। इसी की एक झलक आईआईटी दिल्ली में देखने को मिली। यहां जापान की संसद के प्रतिनिधि पहुंचे। उन्होंने संस्थान की अत्याधुनिक शोध सुविधाओं का जायजा लिया।

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आईआईटी दिल्ली में जापान से जुड़ी रिसर्च एंड इनोवेशन ‘मित्सुई किंजोकु’ प्रयोगशाला भी है। आईआईटी दिल्ली व जापानी संस्थानों के मिलकर काम करने की संभावनाओं पर मंथन किया गया। बता दें कि आईआईटी दिल्ली, जापान के शैक्षणिक संस्थानों के साथ 11 समझौता के तहत विभिन्न शोध कर रहा है।

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इसके अलावा जापानी उद्योगों द्वारा प्रायोजित उत्कृष्टता केंद्र भी आईआईटी दिल्ली में काम कर रहे हैं। आईआईटी दिल्ली जापान की कई बड़ी कंपनियों के साथ भी सहयोग कर रहा है। इनमें हिताची एनर्जी, होंडा, सोनी, होरिबा और यामाहा जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य सिर्फ शोध प्रकाशित करना नहीं, बल्कि नई तकनीक विकसित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और उद्योग तथा शिक्षा जगत को एक साथ लाना है।

आईआईटी दिल्ली में जापान की प्रतिनिधि सभा के सदस्यों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का यह आधिकारिक दौरा था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सैतो हिरोआकि, जापान की प्रतिनिधि सभा के सदस्य और शिक्षा, संस्कृति, खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष ने किया। जापानी सांसदों ने आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी और संस्थान के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच चल रहे शैक्षणिक और शोध सहयोग पर चर्चा हुई। इस दौरान यह भी विचार किया गया कि भारत और जापान मिलकर अगली पीढ़ी की तकनीक के क्षेत्र में क्या नया कर सकते हैं।

सैतो हिरोआकि ने कहना था कि जापान पहले से ही भारत के विश्वविद्यालयों के साथ काम कर रहा है और इस सहयोग से दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली में जापान से जुड़े शोधकर्ताओं को काम करते देखकर खुशी जताई और कहा कि वह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के जरिए भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद रखते हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल को सिर्फ बैठक तक सीमित नहीं रखा गया। उन्हें आईआईटी दिल्ली की उन प्रयोगशालाओं में भी ले जाया गया, जहां भविष्य की तकनीकों पर काम हो रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रोफेसर रोहन पॉल के नेतृत्व वाली रोबोटिक्स प्रयोगशाला का दौरा किया। यहां सांसदों ने रोबोटिक्स से जुड़े शोध और तकनीकी विकास की जानकारी ली। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की गतिविधियों को भी समझा। इस दौरे में जापानी सांसदों को यह देखने का मौका मिला कि भारत में रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में किस तरह का शोध हो रहा है। दौरे का एक खास पड़ाव आईआईटी दिल्ली के रिसर्च एंड इनोवेशन पार्क में स्थापित मित्सुई किंजोकु प्रयोगशाला रहा।

जापान से जुड़ी इस प्रयोगशाला का नेतृत्व डॉ. सातो कर रहे हैं। यह प्रयोगशाला इस बात का उदाहरण है कि जापानी उद्योग और भारतीय तकनीकी संस्थान मिलकर शोध और नवाचार के नए रास्ते कैसे बना रहे हैं। आईआईटी दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के डीन प्रोफेसर अनिल वर्मा ने बताया कि जापान के साथ संस्थान के रिश्ते काफी पुराने और मजबूत हैं।

बता दें कि एक तरफ जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और औद्योगिक अनुभव है, तो दूसरी तरफ भारत के पास विशाल प्रतिभा, युवा शोधकर्ता और तेजी से बढ़ता तकनीकी क्षेत्र। दोनों का मेल एआई, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। जापानी सांसदों का आईआईटी दिल्ली दौरा इसी बदलते रिश्ते की एक झलक है, जहां दोनों देश केवल एक-दूसरे से सीखना नहीं चाहते, बल्कि मिलकर भविष्य की तकनीक तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

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