W3Schools
For the best experience, open
https://m.punjabkesari.com
on your mobile browser.
Advertisement

14 जुलाई को अंतरिक्ष की उड़ान भरेंगे भारतीय मूल के अनिल मेनन, 8 महीने तक ISS पर करेंगे बड़े वैज्ञानिक प्रयोग

03:24 PM Jul 10, 2026 IST | Shivangi Shandilya
14 जुलाई को अंतरिक्ष की उड़ान भरेंगे भारतीय मूल के अनिल मेनन  8 महीने तक iss पर करेंगे बड़े वैज्ञानिक प्रयोग
Anil Menon Space Mission

एक और भारतीय मूल का नाम अंतरिक्ष में चकमने के लिए तैयार है। 14 जुलाई को भारतीय मूल के नासा (NASA) के एक और अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए फतह करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेनन की उड़ान कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से शुरू होगी। यह मिशन लगभग आठ माह तक चलने की खबर है। इस दौरान अनिल मेनन कई ऐसे वैज्ञानिक रिसर्च करेंगे, जिनका फायदा फ्यूचर में चंद्रमा और मंगल जैसे लंबे अंतरिक्ष मिशनों में देखा जा सकता है।

Advertisement

मेनन के अंतरिक्ष जाने की खबर से भारत में भी लोगों के अंदर एक अलग ही खुशी का माहौल है, क्योंकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जो कोई भारतीय मूल का युवक अंतिरिक्ष का फतह करने जा रहा है। भारतीय मूल के कई लोग पहले भी वहां जा चुके हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक एक बार फिर अंतरिक्ष में देश का नाम रोशन करने वाले हैं।

Advertisement

कैसे बने अंतरिक्ष यात्री?

Anil Menon Space Mission (CREDIT-SM)

बता दें कि 49 वर्षीय अनिल मेनन एक डॉक्टर हैं। 2014 में उन्होंने नासा में फ्लाइट सर्जन के तौर पर अपनी जर्नी की शुरुआत की थी। उस दौरान वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर अपना सेवा दे रहे थे और अंतरिक्ष यात्रियों की मेडिकल जरूरतों से रूबरू थे। लगभग चार साल बाद यानी साल 2018 में वह SpaceX में काम करना शुरू किए और वहां कंपनी के मेडिकल प्रोग्राम को तैयार करने में अपना अहम योगदान दिया।

Advertisement

इतना ही नहीं मेनन ने पहली मानव अंतरिक्ष उड़ानों की तैयारियों में भी अपना अहम रोल निभाया। इसके तीन साल बाद दिसंबर 2021 में नासा ने मेनन को अंतरिक्ष यात्री के लिए सेलेक्ट किया, जिसके बाद मेनन को दो साल की कड़ी ट्रेनिंग करनी पड़ी। इस जर्नी की खास बात यह भी है कि भारतीय मूल के मेनन की की पत्नी अन्ना विल्हेम भी अंतरिक्ष यात्री हैं और वह भी अंतरिक्ष जा चुकी है।

मेनन करेंगे कई Scientific Research

बता दें कि मेनन अपने इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष में कई नए रिसर्च करेंगे। इस यात्रा में अंतरिक्ष स्टेशन की पेयजल प्रणाली से मेडिकल उपयोग के लिए द्रव तैयार करने की तकनीक की जांच भी शामिल है। इसके अलावा AI और Augmented Reality की सहायता से अल्ट्रासाउंड जांच से जुड़े रिसर्च भी किए जाएंगे। वैज्ञानिकों ने बताया है कि इन रिसर्च से अंतरिक्ष मिशनों को बेहतर और सुरक्षित बनाने में काफी सहूलियत होगी।

भारत से भी रहा है मेनन का खास लगाव

Anil Menon ISS Mission (CREDIT-SM)

अनिल मेनन का भारत से भी ख़ास लगाव रहा है। उन्होंने अपने शुरूआती करियर के दौरान एक साल तक भारत में रोटरी एंबेसडोरियल स्कॉलर के पद पर सेवा दे रखे हैं। इस दौरान उन्होंने पोलियो टीकाकरण अभियान से जुड़े कामों पर भी रिसर्च किया था। बता दें कि 14 जुलाई को अंतरिक्ष की उड़ान मिशन में उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री अन्ना किकिना और प्योत्र दुब्रोव भी शामिल होंगे।

READ ALSO: सूरत में बाढ़ ने मचाई तबाही, 40 से अधिक लोगों की मौत; अब तक मिले 13 शव, जानें कैसे है ताजा हालात

Advertisement
Author Image

Shivangi Shandilya

View all posts

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।

Advertisement
Advertisement
×