केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना पुनरुद्धार के मुद्दे पर समीक्षा बैठक की
नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली में यमुना के पुनरुद्धार के मुद्दे पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रवेश वर्मा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस बैठक में अमित शाह ने कहा कि साफ और स्वच्छ यमुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है, और हम सभी को मिलकर इसे जल्दी पूरा करना है। दिल्ली, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश की सरकारें व सभी संबंधित मंत्रालय यमुना की स्वच्छता के लिए टुकड़ों में नहीं, बल्कि एक टीम भावना से एकीकृत कार्य योजना के तहत काम करें। दिल्ली की डेयरियों के वेस्टेज को यमुना में जाने से रोकने के लिए एमसीडी और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच एमओयू साइन होगा, जो इसे गोबर गैस तथा खाद में तब्दील करेगा।
उन्होंने कहा कि यमुना नदी की डीसिल्टिंग जल्दी हो और गाद का इस्तेमाल विभिन्न विनिर्माण परियोजनाओं में किया जाए, जिससे बारिश में ये गाद बहकर वापस यमुना में ना जाए। एसटीपी, औद्योगिक वेस्टेज और सभी नालों के डिस्चार्ज को अच्छे से मॉनिटर करें। सिर्फ संतोषजनक काम नहीं बल्कि सटीक परिणाम आने चाहिए।
एनडीडीबी मॉडल के तहत डेयरी और गौशालाओं का गोबर सीधे गैस और खाद प्लांट तक पहुंचेगा, यमुना किनारे के कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा।
अमित शाह ने कहा कि यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना में कार्य प्रगति की हर 20 दिन में समीक्षा होनी चाहिए।
दूसरी ओर, दिल्ली सरकार यमुना सफाई को लेकर युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 14 जून को सरकार के 'यमुना रिवरफ्रंट सफाई अभियान 2026' की शुरुआत करेंगी। इस अभियान का मकसद यमुना की खोई हुई शान को वापस लाना, नदी के किनारों की सफाई करना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री इस बड़े अभियान में हिस्सा लेंगी और साफ-सुथरी और स्वस्थ यमुना के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत करने में नागरिकों के साथ शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना सिर्फ एक नदी नहीं है, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय विरासत का एक अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि यमुना की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी है। इसी सोच के साथ जागरूकता फैलाने और सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
14 जून को यमुना नदी के किनारे प्रमुख घाटों पर एक साथ सफाई अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान में लगभग 500 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के साथ-साथ हजारों स्वयंसेवकों के शामिल होने की उम्मीद है। एक बयान में कहा गया है कि यह कार्यक्रम सामूहिक जन-प्रयास और प्रतिबद्धता के जरिए यमुना को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में एक अहम पहल होगी।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी
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