W3Schools
Advertisement

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर ओम बिरला, राजनाथ सिंह और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

08:45 AM Aug 13, 2026 IST | News Desk
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर ओम बिरला  राजनाथ सिंह और अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
Advertisement

नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। ओम बिरला ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का शासन लोककल्याण, सुशासन और जनसेवा की प्रेरणादायी मिसाल रहा।

Advertisement

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर ने अपने शासन में किसानों, कारीगरों, व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दी व मालवा में व्यापार, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन दिया। उनका शासन लोककल्याण, सुशासन और जनसेवा की प्रेरणादायी मिसाल रहा।"

Advertisement

ओम बिरला ने लिखा, "धर्म और संस्कृति के संरक्षण के साथ उन्होंने देश के अनेक प्रमुख तीर्थस्थलों पर मंदिरों, घाटों, कुओं, बावड़ियों और धर्मशालाओं के निर्माण व जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों की व्यापकता आज भी भारत की सांस्कृतिक विरासत में दिखाई देती है।"

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, "लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। अहिल्याबाई होल्कर ने जनकल्याणकारी शासन, अदम्य साहस और कुशल प्रशासन की अद्भुत मिसाल पेश की। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार सहित देशभर में मंदिरों, घाटों, कुओं, तालाबों और धर्मशालाओं के निर्माण एवं संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।"

उन्होंने लिखा, "समाज के वंचित और जनजातीय वर्गों की आजीविका और कल्याण के लिए उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए उनके प्रयास अपने समय से बहुत आगे थे। उनका जीवन न्याय, सुशासन, नारी शक्ति, लोककल्याण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की प्रेरणादायी गाथा है। उनके आदर्श आज भी जनसेवा और राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।"

ओम बिरला ने आगे लिखा, "लोकमाता के इसी महान योगदान और विरासत को सम्मान देते हुए संसद पुस्तकालय भवन के प्रांगण में उनकी कांस्य प्रतिमा स्थापित है। साढ़े छह फीट ऊंची इस प्रतिमा को प्रसिद्ध मूर्तिकार शशिकांत वारके ने बैठी हुई मुद्रा में शिल्पित किया है। तत्कालीन उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति भैरों सिंह शेखावत ने 24 अगस्त 2006 को इस प्रतिमा का अनावरण किया था। संसद परिसर में स्थापित यह प्रतिमा केवल एक महान नायिका की स्मृति नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, लोककल्याण की भावना और जनसेवा के आदर्शों की प्रतीक है।"

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पोस्ट किया, "लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की पुण्यतिथि पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूं। लोकमाता ने मंदिरों के जीर्णोद्धार व पुनर्निर्माण से लेकर तीर्थों के विकास तक, विरासत के संरक्षण व पुनर्स्थापना में अतुलनीय योगदान दिया।"

उन्होंने आगे लिखा, "नारी शिक्षा और विधवा विवाह को बढ़ावा देकर महिलाओं को सशक्त करने वाली अहिल्याबाई होल्कर ने लोककल्याण, न्याय व सुशासन का आदर्श स्थापित किया। उनका जीवन धर्म, संस्कृति, जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरणादायी मिसाल है।"

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने पोस्ट किया, "महान वीरांगना व परम शिवभक्त, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन करता हूं। एक दूरदर्शी, न्यायप्रिय और लोककल्याणकारी शासिका के रूप में उन्होंने सुशासन, लोकसेवा और नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में अनुपम आदर्श स्थापित किए। सनातन संस्कृति के संरक्षण, तीर्थों के पुनरुद्धार और जनकल्याण के लिए समर्पित उनका जीवन सेवा, त्याग और सादगी का प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्श, समर्पण और मानवता की सेवा का पावन संकल्प हम सभी को सदैव प्रेरित करता रहेगा।"

कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, "परम शिवभक्त, सनातन चेतना की शाश्वत प्रतीक, नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति पूज्य देवी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 'लोकमाता' ने सनातन मूल्यों को अपने जीवन और शासन में आत्मसात करते हुए धर्म, न्याय और करुणा के मार्ग पर समाज का नेतृत्व किया। उनकी ओर से रखी गई आदर्श शासन व्यवस्था की नींव आज 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की निर्माण यात्रा को नई दिशा प्रदान कर रही है। भारत की सांस्कृतिक विरासतों के पुनरुद्धार और लोक-कल्याण के लिए उनकी ओर से किए गए कार्य सदैव स्मरणीय और प्रेरणादायी रहेंगे।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

Advertisement
Author Image

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.

Advertisement
Advertisement
×