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नेताओं को अपने शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए : हरीश रावत

11:49 PM Jun 03, 2026 IST | News Desk
नेताओं को अपने शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए   हरीश रावत
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अल्मोड़ा, 3 जून (आईएएनएस)। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस टिप्पणी को अमर्यादित और निंदनीय बताया।

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हरीश रावत ने कहा कि देश की एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना किसी भी जिम्मेदार राजनीतिक व्यक्ति को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और नेता प्रतिपक्ष के पद का सम्मान किया जाना चाहिए। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है।

राहुल गांधी को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर भी हरीश रावत ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि राहुल गांधी सेना का अपमान करते हैं या विदेश जाकर भारत को बदनाम करते हैं। उनका कहना है कि यह आरोप सच्चाई से बहुत दूर है।

हरीश रावत ने कहा कि राहुल गांधी लगातार सेना, सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक विपक्षी नेता होने के नाते यह उनका दायित्व है कि वे देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों और सैनिकों की समस्याओं को संसद और जनता के सामने रखें।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा सेना को मजबूत बनाने की बात करते हैं। वे आधुनिक हथियारों, बेहतर संसाधनों और बदलते समय के अनुसार सैन्य ढांचे को सक्षम बनाने की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं। आज दुनिया में युद्ध और सुरक्षा की चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं, ऐसे में सेना का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हितों को लेकर हमेशा संवेदनशील रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर उनके अधिकारों और सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। इसलिए यह कहना कि वे सेना के खिलाफ हैं या उसका अपमान करते हैं, पूरी तरह गलत और तथ्यहीन है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

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