संसद का मानसून सत्र: BAC की बैठक में तैयार हुआ ब्लूप्रिंट, जानें किस बिल पर होगी कितने घंटे बहस
Parliament Monsoon Session 2026 : संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इससे ठीक पहले रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अगुवाई में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाया गया था, जहां उनसे जनहित से जुड़े जरूरी मुद्दों पर सुझाव मांगे गए।
बैठक में सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों ने सत्र के दौरान आने वाले विधायी कार्यों को लेकर अपनी राय रखी। स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों से अपील की कि वे संसदीय परंपराओं का पालन करें और सदन को सुचारू रूप से चलाने में मदद करें, ताकि जनता की समस्याओं पर सार्थक चर्चा हो सके।
नए विधेयकों पर होगी लंबी बहस, तय हुआ समय

सत्र के दौरान कई अहम बिल (Bills) पेश होने वाले हैं, जिन पर चर्चा के लिए बीएसी (BAC) की बैठक में समय तय कर दिया गया है। संसद में होने वाली इस बहस के लिए विभिन्न मंत्रालयों के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है।
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026: मार्च में पेश हो चुके इस एफसीआरए (FCRA) संशोधन बिल का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता लाना है। इस पर चार घंटे बहस होगी।
आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026: ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव और सॉवरन डेट मार्केट (Sovereign Debt Market) को मजबूत करने के लिए लाए जा रहे इस बिल पर चार घंटे चर्चा होगी।
उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026: सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान है। इस पर भी चार घंटे बात होगी।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026: पुराने नियमों को कड़ा कर देरी से होने वाले रजिस्ट्रेशन को सुव्यवस्थित करने वाले इस बिल पर चार घंटे का समय मिला है।
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026: राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर सजा सख्त करने वाले इस विधेयक के लिए चार घंटे तय किए गए हैं।
MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026: छोटे उद्योगों में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) बढ़ाने और लेट पेमेंट के नियमों को सुधारने के लिए इस बिल पर सबसे ज्यादा पांच घंटे चर्चा होगी।
आम सहमति से तय होगा अंतिम शेड्यूल
लोकसभा अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि सभी सांसद मिलकर काम करेंगे और सत्र को उत्पादक बनाएंगे। समिति ने सभी सदस्यों के सुझावों को नोट कर लिया है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्षी नेताओं से बातचीत के बाद ही चर्चा का अंतिम कार्यक्रम और टाइम अलॉटमेंट पूरी तरह फाइनल किया जाएगा।
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